अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। देर रात चाबहार पोर्ट से लेकर अबू मूसा आइलैंड तक कई अहम ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें कई रणनीतिक स्थान निशाने पर रहे।
ईरान पर फिर बरसे अमेरिकी हमले, चाबहार पोर्ट से मूसा आइलैंड तक गूंजे धमाकेSource : TV9 Bharatvarsh.com
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुली सैन्य कार्रवाई में बदलता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के कुछ ही समय बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के विभिन्न इलाकों में हमले शुरू कर दिए। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर ऑपरेशन की पुष्टि की है। अबू मूसा आइलैंड, बंदर अब्बास और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं। वहीं, चाबहार में भी धमाकों की खबर सामने आई है, जिसके बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसी दिन मशहद में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हालिया हमलों के जवाब में की जा रही है। दूसरी ओर, ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेज़ाई ने एक्स पर कुरान की एक आयत साझा करते हुए चेतावनी दी कि "हमलावर दुश्मन और उसके सहयोगियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी।"
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भारतीय समयानुसार रात करीब 1:45 बजे अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि अमेरिकी सेना प्रमुख के निर्देश पर सेंट्रल कमांड ने ईरान की उस सैन्य क्षमता को और कमजोर करने के लिए अतिरिक्त हमले शुरू किए हैं, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजर रहे जहाजों और नागरिक क्रू पर हुए हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक सिरिक, बुशहर, कोनारक और चाबहार समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालात को देखते हुए कई शहरों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिरिक में स्थित बंदरगाह को भी निशाना बनाया गया है। इससे पहले 8 जुलाई की रात भी अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए थे। जवाब में ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए हमलों का जवाब है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर इस तरह की घटना दोबारा हुई, तो इसका जवाब पहले से कहीं अधिक कड़ा होगा।"
गौरतलब है कि ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई से पहले ही संकेत दे दिए थे। 8 जुलाई को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ लागू सीजफायर अब समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने रात में कार्रवाई की चेतावनी दी थी और कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए।
अमेरिका और ईरान के बीच पहले हुई थी सहमति
अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके बाद माना जा रहा था कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव कम हो जाएगा। समझौते के तहत कई अहम मुद्दों पर आगे की बातचीत होनी थी, लेकिन यह प्रक्रिया किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद फिर गहरा गए और तनाव एक बार फिर बढ़ने लगा।
इस बीच, ईरान पिछले एक सप्ताह से अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह की तैयारियों में जुटा हुआ है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 9 जुलाई को मशहद में उनके पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है।
