स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर की गई कार्रवाई के जवाब में, ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से ताबड़तोड़ हमले कर दिए हैं।
America vs Iran conflict:सीजफायर खत्म... ईरान पर नए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलानSource : NDtv.com
इस भीषण तनाव के बीच, तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 8 जुलाई को एक बेहद कड़ा बयान जारी किया। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और तेहरान की इस्लामिक सरकार को उन्होंने 'बीमार' करार दिया।
जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या वाकई ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है, तो उनका जवाब था, "मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो चुका है।" उन्होंने साफ कहा कि ईरान से किसी भी तरह का नेगोशिएशन करना सिर्फ समय गंवाना है। ट्रंप ने आगे जोड़ा कि अमेरिकी प्रतिनिधि भले ही ईरान से बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें शक है कि इसका कोई फायदा होगा। उनके मुताबिक, "वे बातचीत कर सकते हैं, पर मुझे लगता है कि वे सिर्फ अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।"
ट्रंप ने माज़ीद कहा, "वे घटिया और बीमार सोच वाले लोग हैं, उन्हें बीमार सोच वाले लोग ही चलाते हैं, और वे बेरहम और हिंसक हैं. और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल जरूर करते."
आपस में भिड़े अमेरिका-ईरान
अमेरिका और ईरान के बीच यह ताजा सैन्य टकराव ऐसे वक्त हुआ है, जब ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर इराक पहुंचा हुआ है। गौर करने वाली बात है कि युद्ध के पहले ही दिन यानी 28 फरवरी को अमेरिकी हमले में ही उनकी मौत हो गई थी। यह अंतिम संस्कार गुरुवार को संपन्न होना था और कयास थे कि इस दौरान माहौल थोड़ा शांत रहेगा, मगर अमेरिकी हमले ने स्थिति को फिर से बेहद तनावपूर्ण बना दिया है।
तय रणनीति के अनुसार, खामेनेई की अंत्येष्टि के बाद दोनों पक्षों के बीच अंतिम समझौते के लिए बातचीत का दौर शुरू होना था। इस वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को पीछे धकेलने जैसे सबसे जटिल मुद्दों पर चर्चा होनी थी। मगर इस नए सैन्य ऐक्शन ने प्रस्तावित बातचीत के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि दोनों में से किसी भी देश ने अभी तक बातचीत से पीछे हटने का एलान नहीं किया है।
इसी बीच ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने 'एक्स' पर लिखा,"धमकी और जबरदस्ती का जमाना अब बीत चुका है। इन हरकतों से कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है और हम किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं।" दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला इसलिए किया गया ताकि होर्मुज में बेकसूर नागरिकों वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने की ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़े। अमेरिकी सेना के मुताबिक, उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 60 से अधिक छोटी नावों समेत कई ठिकानों को निशाना बनाया है।
इसके जवाब में ईरान ने भी बड़ा पलटवार करते हुए बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सेना के 85 ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से ताबड़तोड़ अटैक किया है।
ट्रंप के बयान से तेल में लगी आग
सीजफायर खत्म... ईरान पर नए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के आते ही कि ईरान के साथ युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है, बुधवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल देखने को मिला। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड की कीमत 5.3 प्रतिशत बढ़कर $78.09 प्रति बैरल पर पहुंच गई। वहीं दूसरी ओर, मुख्य अमेरिकी कॉन्ट्रैक्ट, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 5.4 प्रतिशत की तेजी के साथ $74.23 प्रति बैरल पर आ गया।
