Bihar Nawada News: दारोगा भर्ती परीक्षा पास की, लेकिन किस्मत से हार गया युवक; दौड़ की प्रैक्टिस के दौरान हुई मौत | Source: News 18.com सरकारी नौकरी पाने का सपना लेकर हर दिन मैदान में पसीना बहाने वाला एक छात्र सोमवार को जिंदगी की दौड़ हार गया। बिहार के नवादा में शारीरिक परीक्षा की तैयारी के दौरान दौड़ लगाते समय उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। साथी अभ्यर्थी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। 

Bihar Nawada News: दारोगा भर्ती परीक्षा पास की, लेकिन किस्मत से हार गया युवक; दौड़ की प्रैक्टिस के दौरान हुई मौतSource : News 18.com

सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे एक अभ्यर्थी की दौड़ का अभ्यास करते समय मौत हो गई। घटना बिहार के नवादा जिले की है। दारोगा भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे चंदन कुमार अचानक मैदान में बेहोश होकर गिर पड़े। वह नियमित रूप से दौड़ की प्रैक्टिस कर रहे थे। साथी छात्रों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार और साथियों में शोक की लहर दौड़ गई।

नवादा में रहकर कर रहे थे तैयारी

मृतक की पहचान अकबरपुर प्रखंड के कलौंदा गांव निवासी चंदन कुमार के रूप में हुई है। वह नवादा शहर में किराये के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने कन्हाईलाल स्कूल स्थित एक शारीरिक प्रशिक्षण अकादमी में दाखिला लिया था। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह चंदन पहले हरिश्चंद्र स्टेडियम में दौड़ का अभ्यास कर रहे थे। इसके बाद वह कन्हाईलाल स्कूल परिसर में भी दौड़ लगाने पहुंचे।

 दौड़ते समय अचानक बिगड़ी तबीयत

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक-दो राउंड पूरा करने के बाद अचानक चंदन की तबीयत बिगड़ गई और वह मैदान में ही बेहोश होकर गिर पड़े। साथी अभ्यर्थियों ने बिना देर किए उन्हें नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से प्रशिक्षण केंद्र और साथी अभ्यर्थियों के बीच शोक का माहौल है।

ग्रुप-डी और दारोगा परीक्षा कर चुके थे पास

बताया जा रहा है कि चंदन कुमार पढ़ाई में काफी मेधावी थे। उन्होंने रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा पास कर ली थी और बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा में भी सफलता हासिल की थी। अब वह शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) की तैयारी में जुटे थे। लेकिन सरकारी नौकरी का सपना पूरा होने से पहले ही उनकी जिंदगी की दौड़ थम गई, जिससे परिवार और गांव में गहरा दुख का माहौल है।