नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक हालिया साक्षात्कार में दीपके ने साफ किया कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना या किसी राजनीतिक दल की तरह सत्ता हासिल करना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन चुनावी राजनीति से आगे जाकर व्यापक बदलाव लाने की दिशा में काम करना चाहता है। दीपके ने इस दौरान कॉकरोच आंदोलन, ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, अमेरिका से भारत लौटने के फैसले और सरकार की ओर से लगाए गए कथित ‘देश के लिए खतरा’ और ‘एंटी नेशनल’ जैसे टैग पर भी खुलकर बात की।
मई में शुरू हुई मुहिम से लाखों लोग जुड़े
अभिजीत दीपके ने मई में देश के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की थी। शुरुआत में इसे एक व्यंग्यात्मक मुहिम के तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन व्यापक चर्चा में आ गया। खबर के अनुसार, देखते ही देखते लाखों लोग इस मुहिम से जुड़ गए और अभिजीत दीपके की पहचान भी तेजी से बनी।
बाद में अमेरिका से भारत लौटने के बाद अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों की अगुवाई की। इसके बाद कॉकरोच आंदोलन का दायरा केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा और संगठन से जुड़े लोगों ने अलग-अलग सार्वजनिक मुद्दों को उठाना शुरू किया।
सरकार के ‘देश के लिए खतरा’ वाले टैग से क्यों आहत हुए दीपके?
अभिजीत दीपके ने बीबीसी के साथ हालिया साक्षात्कार में बताया कि सरकार की ओर से उन्हें ‘देश के लिए खतरा’ और ‘एंटी नेशनल’ जैसे टैग दिए जाने की बात उन्हें बेहद दुख पहुंचाने वाली थी। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बाद उनके परिवार और उनके वकील ने उन्हें भारत नहीं लौटने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने अमेरिका से भारत वापस आने का फैसला किया।
दीपके के मुताबिक, सरकार की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताए जाने के बाद उन्होंने भारत लौटकर यह साबित करने का निर्णय लिया कि वह देश की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं हैं। उन्होंने अपने देश के प्रति प्रेम की बात भी कही, हालांकि यह भी कहा कि देश से प्रेम करने का उनका तरीका सरकार की अपेक्षा से अलग है।
‘अपनी ही सरकार ने खतरा बताया, इसलिए लौट आया’
अभिजीत दीपके ने कहा, "जब मेरी अपनी ही सरकार ने मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया, तभी मैंने भारत लौटने का फैसला किया। इस बात ने मुझे बहुत दुख पहुंचाया। जब मैं विदेश में हूं, तो क्या मेरी सरकार को मेरे साथ खड़ा नहीं होना चाहिए?"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने तय किया कि मुझे अपने देश वापस जाना चाहिए ताकि मैं यह साबित कर सकूं कि मैं देश की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं हूं। मैं अपने देश से प्यार करता हूं, बस उस तरीके से नहीं, जिस तरीके से सरकार चाहती है।"
दीपके के इस बयान में उनके भारत लौटने के फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट करने की कोशिश दिखाई देती है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में देश लौटकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।
पेपर लीक आंदोलन के बाद अब ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान
नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अब ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत CJP से जुड़े नेता सरकारी स्कूलों की बदहाली से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। संगठन की गतिविधियों का यह विस्तार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित दिखाई देता है।
अभिजीत दीपके से जब उनकी आगे की योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आंदोलन को किसी एक राजनीतिक पार्टी या केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका कहना है कि लोगों ने राजनीति को चुनाव और राजनीतिक दलों तक सीमित कर दिया है, जबकि उनका उद्देश्य इससे आगे बढ़ना है।
‘हम सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं हैं’
अभिजीत दीपके ने कहा, “लोगों ने राजनीति को सिर्फ चुनाव और राजनीतिक दलों तक सीमित कर दिया है। हम उससे आगे बढ़ना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, "हम यहां सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं हैं। हमारा मकसद एक बड़ा बदलाव लाना है, जहां लोग अपने अधिकार और अपने कर्तव्य समझें, और यह भी जानें कि सत्ता में कोई भी पार्टी आए, उससे जवाबदेही कैसे तय कराई जाए।"
दीपके के इस बयान से उनके आंदोलन की घोषित दिशा सामने आती है। वह इसे केवल चुनावी राजनीति का मंच बनाने के बजाय नागरिकों के अधिकार, कर्तव्य और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों से जोड़कर आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं।
आंदोलन को जिंदा रखने पर जोर
अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि मैदान में उतरने के बाद वह आंदोलन को जिंदा रखने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आंदोलन को किसी एक चुनाव या तत्काल राजनीतिक लक्ष्य तक सीमित करने के बजाय लंबे समय तक सार्वजनिक मुद्दों पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी की गतिविधियों में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का जुड़ना भी इसी विस्तार का हिस्सा बताया गया है। हालांकि, संगठन का भविष्य किस स्वरूप में आगे बढ़ेगा और उसकी राजनीतिक भूमिका क्या होगी, यह दीपके के मौजूदा बयानों में पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है।
चुनाव से आगे की राजनीति का संदेश
अभिजीत दीपके के ताजा बयान का सबसे अहम पहलू उनका चुनावी राजनीति से आगे जाने का दावा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि ऐसा बदलाव लाना है जिसमें नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझें तथा सत्ता में आने वाली किसी भी पार्टी से जवाबदेही तय कराने की क्षमता रखें।
इस बयान के साथ दीपके ने कॉकरोच आंदोलन की दिशा को व्यापक सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी से जोड़ने का संकेत दिया है। अब आंदोलन शिक्षा जैसे मुद्दों को भी अपने अभियानों में शामिल कर रहा है और सरकारी व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाने की बात कर रहा है।
आगे की राह पर टिकी नजरें
अभिजीत दीपके के बयान के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी और उसके आंदोलन की अगली गतिविधियों पर नजर रहेगी। फिलहाल दीपके ने चुनाव को अंतिम लक्ष्य मानने से इनकार करते हुए अधिकार, कर्तव्य और सत्ता की जवाबदेही को अपने आंदोलन के प्रमुख विचारों में शामिल किया है। अमेरिका से भारत लौटने के फैसले और सरकार की ओर से लगाए गए कथित टैग पर उनकी प्रतिक्रिया ने भी उनके बयान को चर्चा में ला दिया है। आंदोलन अब किस तरह आगे बढ़ता है और ‘स्कूल ठीक करो’ जैसे अभियानों का उसका स्वरूप क्या रहता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
