हाजीपुर। बिहार में निर्माणाधीन पुल से जुड़ा एक और हादसा सामने आया है। वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड के जलालपुर गांव में गुरुवार को भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे पुल का एक हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरातफरी मच गई और वहां काम कर रहे मजदूरों में चीख-पुकार शुरू हो गई। इस दुर्घटना में सात मजदूर घायल हुए हैं। घायलों में दो की स्थिति गंभीर बताई गई है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए हाजीपुर रेफर किया गया है।
बुद्ध सर्किट हाईवे के निर्माण के दौरान हुआ हादसा
यह दुर्घटना सोनपुर से केसरिया के बीच भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जा रहे छह लेन बुद्ध सर्किट हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन पुल के लॉन्चर को विस्थापित करने के दौरान अचानक हादसा हुआ और पुल का स्ट्रक्चर नीचे गिर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य तत्काल शुरू कराया गया और घायल मजदूरों को उपचार के लिए लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया।
सात मजदूर घायल, दो की हालत गंभीर
हादसे में घायल सभी सात लोग निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर बताए गए हैं। इनमें पांच मजदूर बिहार के अलग-अलग जिलों से हैं, जबकि एक पंजाब और एक ओडिशा के रहने वाले हैं।
घायलों की पहचान बेगूसराय निवासी रंजन कुमार, पटना निवासी राम भरोसे साह, वैशाली के पातेपुर निवासी अली इमाम, पटना निवासी प्रमोद चौधरी, मुजफ्फरपुर निवासी संदीप कुमार, पंजाब निवासी गुलशन और ओडिशा निवासी संजीव कुमार के रूप में हुई है।
घायल राम भरोसे साह और प्रमोद चौधरी की स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें हाजीपुर रेफर कर दिया। वहीं, बाकी पांच घायलों का उपचार लालगंज अस्पताल में किया जा रहा है।
लॉन्चर को विस्थापित करते समय बिगड़ी स्थिति
वैशाली जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन पुल के लॉन्चर को विस्थापित करने के दौरान यह दुर्घटना हुई। हालांकि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे वास्तविक तकनीकी कारण क्या रहा, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर संबंधित एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
पुल का ढांचा गिरने की सूचना मिलने के बाद लालगंज प्रखंड और वैशाली जिले के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी तत्काल की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के कारणों की जांच पर विशेष ध्यान दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम वर्षा सिंह ने घटनास्थल और अस्पताल का किया निरीक्षण
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह भी हादसे की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से दुर्घटना के संबंध में जानकारी ली।
इसके बाद डीएम हाजीपुर सदर अस्पताल भी पहुंचीं, जहां उन्होंने घायलों के इलाज की व्यवस्था देखी। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने यह भी कहा कि हादसे की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर गिरने और सात मजदूरों के घायल होने के बाद निर्माण कार्य के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह अभी जांच के दायरे में है और प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित निर्माण एजेंसी को मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
तेजस्वी यादव ने हादसे को लेकर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
इस हादसे पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार को लेकर एनडीए सरकार पर निशाना साधा।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया, “घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता, मानकों की अनदेखी, जांच में अनियमितता और एनडीए नेताओं का भ्रष्टाचारी किरदार ही निरंतर गिरते पुलों का मुख्य कारण है। उम्मीद के मुताबिक़ भ्रष्ट एनडीए सरकार फिर अपने भ्रष्टाचार की लीपापोती करेगी।”
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
फिलहाल प्रशासन की ओर से दुर्घटना के तकनीकी और अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। हादसे में घायल सातों मजदूरों का इलाज कराया जा रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल दो मजदूरों को हाजीपुर रेफर किया गया है। प्रशासन ने निर्माण एजेंसी को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
