erer | Source: rereनई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारत के ढहने के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए उसके मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया है। हादसे के बाद से हरिराम बंसल फरार था और उसकी तलाश के लिए दिल्ली पुलिस की 10 टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया था। भिवाड़ी से हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस अब उससे हादसे को लेकर पूछताछ कर रही है।

7 छात्रों की मौत के बाद मालिक पर शिकंजा

सत्य निकेतन में हुए इस हादसे में अब तक सात छात्रों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जबकि कई छात्र अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान में दिल्ली पुलिस के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दमकल विभाग और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) समेत कई एजेंसियां जुटी हुई हैं।

बेसमेंट में मरम्मत के दौरान ढहने का आरोप

पुलिस के अनुसार, सत्य निकेतन की यह इमारत पेइंग गेस्ट यानी पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। आरोप है कि इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत भरभराकर गिर गई और कई छात्र मलबे के नीचे दब गए। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इमारत के मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ मुकदमा

दिल्ली पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है। पुलिस हादसे के कारणों और इसमें जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

10 पुलिस टीमों ने कई राज्यों में की तलाश

हादसे के बाद हरिराम बंसल के फरार होने पर दिल्ली पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। पुलिस की 10 टीमें उसकी तलाश में लगाई गई थीं और कई राज्यों में छापेमारी की जा रही थी। आरोपी के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया था। आखिरकार पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया। अब पूछताछ के जरिए हादसे से जुड़े तथ्यों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

रविवार दोपहर अचानक भरभराकर गिरी थी इमारत

सत्य निकेतन में यह हादसा रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ था। बताया गया कि पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और कई छात्र मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अपने स्तर पर भी बचाव कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे के नीचे से लोगों के बचाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।

मौके पर पहुंचीं कई बचाव एजेंसियां

सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल भी मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया। राहत और बचाव अभियान के दौरान 12 लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इस हादसे में अब तक सात छात्रों की मौत हो चुकी है। कई छात्रों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है।

एमसीडी के पांच अधिकारी निलंबित

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भी बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर सोमवार को दिल्ली नगर निगम के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरीटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का लिया जायजा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार को लगातार दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंचीं और वहां चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, पुलिस की जांच इमारत मालिक और अन्य आरोपियों की भूमिका पर केंद्रित है।

पीजी और बिना मंजूरी बनी मंजिलों पर निगरानी की मांग

दिल्ली के मंत्री सतीश खुराना ने कहा कि सरकार ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी डीसी को इस तरह निलंबित किया गया है और केवल डीसी ही नहीं, बल्कि कुल पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को उन इलाकों पर ध्यान देना चाहिए जहां पीजी चल रहे हैं या जहां इमारतों में बिना मंजूरी के पांचवीं मंजिल बनाई गई है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे नियमों का उल्लंघन न हो।

अब जांच में हरिराम से पूछताछ अहम

हरिराम बंसल के भिवाड़ी से हिरासत में लिए जाने के बाद मामले की जांच में एक अहम कड़ी जुड़ गई है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। इमारत के बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य, उसके रखरखाव और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सात छात्रों की मौत और कई लोगों के लापता होने के कारण सत्य निकेतन का यह हादसा गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।