सीवान। बिहार के सीवान जिले में दशहरा के मौके पर आयोजित ‘सत्य हरिश्चंद्र’ नाटक के मंचन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बड़हरिया प्रखंड के रसूलपुर गांव में मंगलवार रात श्मशान घाट पर शव जलाने के दृश्य का मंचन किया जा रहा था, तभी अचानक आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से चार बच्चों समेत कुल 10 लोग झुलस गए। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें गंभीर रूप से झुलसे पांच लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) भेजा गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज सीवान सदर अस्पताल में किया गया।
शव जलाने के दृश्य के दौरान कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, रसूलपुर गांव में मंगलवार रात दशहरा के अवसर पर ‘सत्य हरिश्चंद्र’ नाटक का मंचन किया जा रहा था। नाटक में श्मशान घाट पर शव जलाने से संबंधित दृश्य प्रस्तुत किया जा रहा था। इसी दौरान ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग भड़क गई। देखते ही देखते आग की लपटें मंच पर फैलने लगीं और वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए। आग अचानक फैलने से मंच पर मौजूद कलाकारों और कार्यक्रम देखने आए लोगों के बीच अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई लोग झुलस गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है कि आग किन परिस्थितियों में लगी, मंचन के दौरान ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई थी।
चार बच्चों समेत 10 लोग आग की चपेट में आए
इस हादसे में झुलसे लोगों में कई बच्चे और युवा शामिल हैं। घायलों की पहचान रसूलपुर गांव के अनिकेत कुमार (9 वर्ष), राहुल कुमार (18 वर्ष), सूरज कुमार (20 वर्ष), राजुल कुमार (9 वर्ष), बिट्टू कुमार (10 वर्ष), विनोद साह (22 वर्ष), आयुष कुमार (10 वर्ष), अमित कुमार (19 वर्ष), दीपक कुमार (19 वर्ष) और महाराजगंज के आकाशी मोड़ निवासी पवन कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना में चार बच्चे भी झुलसे हैं। हादसे के बाद घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराकर उपचार शुरू किया गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार सीवान में किया गया। घटना ने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान आग से सुरक्षा के इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पांच घायलों की हालत गंभीर, पटना में चल रहा इलाज
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे सूरज कुमार, राहुल कुमार, अनिकेत कुमार, बिट्टू कुमार और पवन कुमार को पटना स्थित पीएमसीएच भेजा गया है। इन पांचों की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं, सीवान सदर अस्पताल में भर्ती चार अन्य घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एक अन्य घायल को भी पटना भेजने की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। घायलों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाज की व्यवस्था पर ध्यान दिया है। बच्चों के उपचार और देखरेख के लिए पीएमसीएच में दो अधिकारियों की तैनाती भी की गई है, ताकि उनके इलाज से संबंधित आवश्यक समन्वय किया जा सके।
एसपी, एसडीओ और एसडीपीओ ने घटनास्थल का लिया जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही सीवान के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, अनुमंडलीय पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रांजल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली। प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का उद्देश्य आग लगने के कारणों का पता लगाना और यह निर्धारित करना है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच में ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल, मंच पर उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों और संभावित लापरवाही से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
जांच समिति गठित, दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के अनुसार, हादसे की जांच के लिए सदर एसडीओ के नेतृत्व में एक समिति गठित की गई है। इस समिति में एसडीपीओ को भी शामिल किया गया है। जांच के बाद घटना के कारणों और संभावित जिम्मेदारियों का पता लगाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि नाटक के दौरान आग कैसे लगी और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी।
सांस्कृतिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
‘सत्य हरिश्चंद्र’ नाटक के मंचन के दौरान हुआ यह हादसा आयोजन स्थलों पर आग से बचाव के इंतजामों की अहमियत को सामने लाता है। नाटक में शव जलाने के दृश्य के दौरान ज्वलनशील पदार्थ से आग भड़कने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों और किसी संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इस घटना में बच्चों समेत 10 लोगों का झुलसना गंभीर मामला है। फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों के इलाज, हादसे के कारणों की जांच और जिम्मेदारी तय करने पर है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
