सीवान। सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आलमपुर गांव में शुक्रवार की शाम एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पटाखा निर्माण के दौरान हुए एक भीषण विस्फोट ने हंसते-खेलते घर को पलभर में मलबे के ढेर में बदल दिया। इस खौफनाक हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
खौफनाक मंजर: बारूद के एक चिंगारी से हवा में उड़ा मकान, लगातार तीन घंटे तक गूंजते रहे धमाके
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, आलमपुर गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से अवैध या घरेलू स्तर पर पटाखे बनाने का सिलसिला चल रहा था। शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे अमीरुद्दीन अहमद के घर में अचानक बारूद में आग लग गई, जिसके बाद एक भयंकर विस्फोट हुआ। यह धमाका इतना जबरदस्त था कि मकान की छत उड़ गई और इमारत का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से जमींदोज हो गया। शुरुआती धमाके के बाद भी रह-रहकर छोटे-बड़े विस्फोट होते रहे, जिससे करीब तीन घंटे तक पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अपनों की चीख-पुकार और मदद की गुहार: मलबे में अपनों को तलाशते बेबस लोग
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के समय घर के अंदर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पटाखा निर्माण में लगे कुछ मजदूर भी मौजूद थे। घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार ने इस दुर्घटना की भयावोता को और बढ़ा दिया। हालांकि, लगातार हो रहे विस्फोटों और जर्जर इमारत के खतरे के कारण शुरुआती घंटों में कोई भी स्थानीय नागरिक पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई: डीआइजी-एसपी मौके पर तैनात, थानाध्यक्ष निलंबित
इस भीषण हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीआइजी नीलेश कुमार, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत भारी पुलिस बल और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। आग पर पूरी तरह काबू पाने और बचाव कार्य को गति देने के लिए 20 से अधिक दमकल वाहनों को तैनात किया गया। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। लापरवाही बरतने के आरोप में जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और संबंधित चौकीदार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
लाइसेंस पर उठे बड़े सवाल: क्या अवैध तरीके से चल रहा था मौत का यह खेल?
इस दर्दनाक घटना के बाद से क्षेत्र में पटाखा निर्माण के वैध और अवैध पहलुओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में लंबे समय से यह काम चल रहा था, लेकिन प्रशासन की नाक के नीचे इस तरह बारूद का अवैध भंडारण कैसे हो रहा था, यह जांच का विषय है। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि मृतकों में गृहस्वामी अमीरुद्दीन अहमद (70), खुशबू (10) और असद (8) शामिल हैं, जबकि चौथे मृतक की पहचान की जा रही है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
