
बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की Source : News18
देश में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर जारी विवाद अब और गहरा गया है। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बिहार के सीवान में प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद इस घटना ने राजनीतिक रूप ले लिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आज देश का पूरा तंत्र छात्रों की आवाज दबाने में लगा हुआ है। दूसरी ओर, CJP ने भी आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।
सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर मचा बवाल
पूरे विवाद की शुरुआत बिहार के सीवान जिले से हुई, जहां CJP के आह्वान पर आयोजित ‘बिहार बंद’ के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एके-47 राइफल के साथ कार्रवाई करता दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे। हालांकि, सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके बावजूद विपक्ष और छात्र संगठनों ने सवाल उठाया कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के बीच इस तरह के हथियार का इस्तेमाल या प्रदर्शन आखिर क्यों किया गया।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला, छात्रों की आवाज दबाने का लगाया आरोप
घटना के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्र और बिहार सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में छात्रों के साथ हो रही घटनाएं चिंता का विषय हैं और युवाओं की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई और बिहार के सीवान की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि बल प्रयोग से। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों और उन्हें बिना शर्त रिहा करने को लेकर किए गए वादों का क्या हुआ। साथ ही उन्होंने सरकार से छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की।
विपक्ष के सवाल, भाजपा का जवाब और CJP के अगले कदम पर नजर
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले पर सरकार को घेरा। विपक्ष का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई की गई, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहा है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इधर, CJP ने साफ कर दिया है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन आने वाले दिनों में देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज करने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष ने भी इस पूरे मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि छात्रों का आंदोलन, पेपर लीक का मुद्दा और इससे जुड़ी राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति के सबसे अहम मुद्दों में शामिल रह सकती है।
