eerer | Source: ereपटना। बिहार सरकार राज्य के नए और युवा वकीलों को आर्थिक सहारा देने के लिए बड़ी पहल करने जा रही है। सरकार 32 वर्ष तक की उम्र वाले पात्र युवा अधिवक्ताओं को हर महीने 5,000 रुपये का भत्ता देगी। यह सहायता लगातार तीन वर्षों तक दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसी महीने इस योजना की शुरुआत करने वाले हैं। योजना के लागू होने से शुरुआती दौर में वकालत शुरू करने वाले उन युवाओं को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पेशे की शुरुआत में आमदनी से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

1 जनवरी 2024 के बाद पंजीकृत युवा वकील होंगे पात्र

बिहार के महाधिवक्ता एसडी संजय ने गुरुवार को पटना में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2024 या उसके बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकृत हुए नए वकील इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि, लाभ उन्हीं अधिवक्ताओं को मिलेगा जो सरकार और संबंधित व्यवस्था की ओर से निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करेंगे। योजना के तहत लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।

तीन साल तक हर महीने 5,000 रुपये की सहायता

सरकार की इस योजना के तहत पात्र युवा वकीलों को तीन वर्षों तक प्रत्येक महीने 5,000 रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए युवा अधिवक्ताओं की आयु सीमा 22 से 32 वर्ष निर्धारित की है। इस पहल का उद्देश्य वकालत के शुरुआती वर्षों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि नए अधिवक्ता अपने पेशे को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

महाधिवक्ता एसडी संजय ने कहा कि यह एक नई योजना है, इसलिए इसके शुरुआती क्रियान्वयन के दौरान कुछ व्यावहारिक समस्याएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने अधिवक्ताओं के कल्याण से संबंधित कई योजनाओं की घोषणा की है और युवा वकीलों के लिए मासिक सहायता भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये

युवा वकीलों को मासिक भत्ता देने के साथ ही सरकार ने अधिवक्ता संघों के लिए भी सहायता का प्रावधान किया है। 1 जनवरी 2024 या उसके बाद नामांकित नए वकीलों के लिए तीन वर्षों तक 5,000 रुपये मासिक सहायता के अलावा अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे अधिवक्ताओं को कानूनी अध्ययन और संदर्भ सामग्री तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये जारी

महाधिवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये की राशि पहले ही दे चुकी है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के लिए अन्य कल्याणकारी व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। इनमें महिला वकीलों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने और चेंबर में सुधार से संबंधित योजनाएं भी शामिल हैं।

5,000 रुपये के भत्ते के लिए ऐसे करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक वकीलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। इसके लिए 100 रुपये का आवेदन फॉर्म खरीदना होगा। आवेदन के साथ कई आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। दस्तावेजों के माध्यम से आवेदक की आयु, पंजीकरण, प्रैक्टिस, आय, निवास और अन्य निर्धारित शर्तों की पुष्टि की जाएगी।

आवेदन के साथ देने होंगे ये महत्वपूर्ण दस्तावेज

आवेदकों को आवेदन पत्र के साथ मैट्रिक परीक्षा का प्रमाण पत्र, वकील के रूप में पंजीकरण प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र और सक्रिय प्रैक्टिस प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अलावा माता या पिता का आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और एआईबीई प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा।

आवेदन के साथ आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं होने का शपथ पत्र भी देना होगा। इसके अलावा यह भी घोषित करना होगा कि आवेदक वकालत के पेशे के अलावा किसी अन्य व्यवसाय में शामिल नहीं है। आवेदन के साथ रद्द चेक भी जमा करना होगा। निर्धारित दस्तावेजों के बिना आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और महासचिव का हस्ताक्षर जरूरी

महाधिवक्ता एसडी संजय के अनुसार, आवेदन पत्र पर संबंधित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और महासचिव के हस्ताक्षर होना आवश्यक होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति के ट्रस्टी कमेटी के कन्वेनर के पटना में मौजूद नहीं होने के कारण उनके हस्ताक्षर को अनिवार्य नहीं रखा गया है।

युवा वकीलों के लिए आर्थिक सहारे की बड़ी पहल

बिहार सरकार की यह योजना खास तौर पर वकालत के शुरुआती दौर में काम कर रहे युवा अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तीन वर्षों तक हर महीने 5,000 रुपये की सहायता से पात्र नए वकीलों को अपने पेशे की शुरुआत के दौरान आर्थिक सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही अधिवक्ता संघों के लिए ई-लाइब्रेरी की सहायता और महिला अधिवक्ताओं के लिए सुविधाओं में सुधार की योजनाएं भी अधिवक्ता कल्याण से जुड़े प्रयासों को व्यापक बनाती हैं।

इसी महीने हो सकती है योजना की शुरुआत

महाधिवक्ता एसडी संजय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसी महीने इस योजना की शुरुआत करने वाले हैं। योजना शुरू होने के बाद पात्र युवा अधिवक्ताओं को निर्धारित दस्तावेजों और प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा। सरकार की ओर से घोषित प्रावधानों के तहत 22 से 32 वर्ष की आयु के उन नए वकीलों को लाभ मिलेगा, जिन्होंने 1 जनवरी 2024 या उसके बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकरण कराया है और योजना की अन्य शर्तें पूरी करते हैं।

निष्कर्ष

बिहार सरकार की युवा अधिवक्ता स्टाइपेंड योजना वकालत के शुरुआती वर्षों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पात्र युवा वकीलों को तीन वर्षों तक हर महीने 5,000 रुपये की सहायता मिलेगी, जबकि अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी के लिए 5 लाख रुपये और अन्य अधिवक्ता कल्याण सुविधाओं के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। योजना की शुरुआत इसी महीने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।