erer | Source: ererवजन कम करने की कोशिश के बावजूद अगर शरीर का वजन घट नहीं रहा है और पेट के आसपास की चर्बी लगातार बढ़ती जा रही है, तो सिर्फ खान-पान को ही जिम्मेदार मानना सही नहीं होगा। शरीर का मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय भी वजन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिसके जरिए शरीर भोजन से मिलने वाली ऊर्जा का इस्तेमाल करता है और शरीर के जरूरी कार्यों को चलाता है। रोजाना की शारीरिक गतिविधि, मांसपेशियों की सक्रियता, खान-पान और नींद जैसी आदतों का इस प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।

मेटाबॉलिज्म को किसी एक जादुई उपाय से अचानक तेज नहीं किया जा सकता, लेकिन जीवनशैली में कुछ नियमित बदलाव शरीर की ऊर्जा खपत और वजन प्रबंधन में मदद कर सकते हैं। अगर आप भी सुस्त जीवनशैली, बढ़ते वजन या पेट की चर्बी को लेकर परेशान हैं, तो इन 8 आदतों पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है।

1. दिनभर शरीर को सक्रिय रखें, सिर्फ व्यायाम के समय नहीं

अगर दिन का ज्यादातर समय बैठकर गुजरता है और शारीरिक गतिविधि बहुत कम रहती है, तो कुल ऊर्जा खर्च भी कम हो सकता है। इसलिए केवल सुबह या शाम के कुछ मिनट व्यायाम करने के बजाय पूरे दिन शरीर को सक्रिय रखने की कोशिश करें।

लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें। बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना, घर के सामान्य काम करना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और जहां संभव हो वहां पैदल चलना रोजाना की गतिविधि बढ़ाने के आसान तरीके हैं। शरीर की नियमित गतिविधि वजन प्रबंधन और समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है।

2. ज्यादा मेहनत वाला व्यायाम भी करें, लेकिन अपनी क्षमता के अनुसार

उच्च तीव्रता वाले व्यायाम यानी हाई इंटेंसिटी वर्कआउट कम समय में शरीर को अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे व्यायाम से व्यायाम के दौरान ऊर्जा की खपत बढ़ती है और कुछ समय तक शरीर की ऊर्जा जरूरत सामान्य से अधिक रह सकती है।

हालांकि, हाई इंटेंसिटी वर्कआउट हर व्यक्ति के लिए एक जैसा उपयुक्त नहीं होता। लंबे समय से व्यायाम न करने वाले व्यक्ति को अचानक बहुत कठिन कसरत शुरू करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ानी चाहिए।

3. वॉक के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी जगह दें

वजन कम करने की कोशिश में केवल चलना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसमें शरीर के वजन से किए जाने वाले व्यायाम, हल्के वजन उठाना या प्रशिक्षक की सलाह से प्रतिरोधक व्यायाम शामिल किए जा सकते हैं।

मांसपेशियों को सक्रिय रखने से शरीर की शारीरिक क्षमता बेहतर होती है और नियमित व्यायाम के साथ ऊर्जा खर्च बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसलिए अपने व्यायाम कार्यक्रम में कार्डियो गतिविधि के साथ उचित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

4. भोजन में पर्याप्त प्रोटीन जरूर रखें

प्रोटीन शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है और इसे पचाने के दौरान शरीर को कार्बोहाइड्रेट और वसा की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। इसलिए पर्याप्त प्रोटीन वाला संतुलित आहार वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है।

दाल, चना, राजमा, पनीर, दूध-दही, अंडे, मछली और मांस जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के स्रोत हो सकते हैं। हालांकि, केवल प्रोटीन बढ़ाने के बजाय पूरे आहार को संतुलित रखना जरूरी है।

5. बहुत कम खाना भी वजन घटाने का सही तरीका नहीं

वजन कम करने के लिए भोजन की मात्रा घटाना जरूरी हो सकता है, लेकिन अत्यधिक कम कैलोरी वाला आहार लंबे समय तक अपनाना उचित नहीं माना जाता। शरीर को ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और खनिजों समेत कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

बहुत कम खाना कमजोरी, थकान और पोषण की कमी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए वजन कम करने के लिए भोजन छोड़ने या बेहद कम कैलोरी लेने के बजाय संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना बेहतर है। बहुत कम कैलोरी वाला आहार अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहिए।

6. पानी के तापमान को लेकर भ्रम में न रहें

अक्सर वजन घटाने के लिए ठंडा पानी छोड़कर गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है। हालांकि, केवल पानी के तापमान से मेटाबॉलिज्म में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

प्यास के अनुसार पानी पीना और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में तरल लेना शरीर के सामान्य कार्यों के लिए जरूरी है। गुनगुना पानी किसी व्यक्ति को आरामदायक लग सकता है, लेकिन इसे वजन घटाने का कोई चमत्कारी उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

7. कॉफी और कैफीन का इस्तेमाल समझदारी से करें

कॉफी में मौजूद कैफीन थोड़े समय के लिए शरीर की ऊर्जा खपत और सतर्कता को बढ़ा सकता है। इसी वजह से बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी को कई लोग अपने वजन प्रबंधन वाले आहार में शामिल करते हैं।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा कॉफी पीने से वजन तेजी से कम होने लगेगा। अधिक कैफीन लेने से बेचैनी, धड़कन तेज होना और नींद प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए कॉफी की मात्रा व्यक्ति की सहनशीलता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार रखनी चाहिए। लिवर को फायदा पहुंचाने के दावे को भी व्यक्ति की पूरी स्वास्थ्य स्थिति के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

8. नींद को नजरअंदाज किया तो मेहनत पर पड़ सकता है असर

वजन प्रबंधन में नींद को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि पर्याप्त और नियमित नींद स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लगातार कम नींद लेने से भूख और खाने की इच्छा को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं और इससे अधिक कैलोरी वाला भोजन लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।

अधिकांश वयस्कों के लिए नियमित रूप से करीब 7 से 9 घंटे की नींद लेना बेहतर माना जाता है। देर रात तक जागने की आदत कम करना, सोने और उठने का समय नियमित रखना तथा सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है।

मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के नाम पर इन गलतियों से बचें

मेटाबॉलिज्म को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। किसी एक पेय, मसाले, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खे को तेजी से वजन घटाने का समाधान मानना सही नहीं है। वजन में बदलाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें कुल कैलोरी सेवन, शारीरिक गतिविधि, नींद, उम्र, मांसपेशियों की मात्रा और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां शामिल हो सकती हैं।

अगर लंबे समय से वजन बढ़ रहा है, असामान्य थकान रहती है या वजन घटाने के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है, तो केवल मेटाबॉलिज्म को दोष देने के बजाय डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

छोटी आदतें मिलकर बना सकती हैं बड़ा बदलाव

मेटाबॉलिज्म को स्वस्थ रखने के लिए किसी एक उपाय पर निर्भर रहने के बजाय रोजाना की जीवनशैली में कई सकारात्मक आदतों को एक साथ शामिल करना अधिक व्यावहारिक है। नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त प्रोटीन वाला संतुलित भोजन, उचित व्यायाम, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद वजन प्रबंधन की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं।

इसलिए वजन घटाने के लिए केवल कम खाने या किसी एक ‘फैट बर्निंग’ उपाय पर भरोसा करने के बजाय अपनी पूरी दिनचर्या को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। लगातार और संतुलित प्रयास ही लंबे समय में बेहतर परिणाम देने में मदद कर सकते हैं।