erere | Source: erereरसोई में इस्तेमाल होने वाली LPG गैस की कीमत और सिलेंडर की बढ़ती जरूरत के बीच एक ऐसा स्मार्ट गैस चूल्हा चर्चा में है, जिसे भारत का पहला 5-स्टार रेटिंग वाला स्मार्ट स्टोव बताया जा रहा है। Quantum नाम से पेश किए गए इस गैस चूल्हे में कंपनी ने अपनी खास Hexa तकनीक का इस्तेमाल किया है। दावा है कि यह तकनीक गैस और गर्मी के बेहतर इस्तेमाल में मदद करती है, जिससे ईंधन की खपत कम हो सकती है और खाना पकाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकती है।

LPG की बचत के लिए क्यों चर्चा में है Quantum स्टोव?

भारतीय घरों में आज भी LPG गैस रसोई के प्रमुख ईंधनों में शामिल है। ऐसे में गैस चूल्हे की दक्षता सीधे तौर पर सिलेंडर की खपत से जुड़ी होती है। सामान्य गैस चूल्हों पर खाना पकाते समय लौ से निकलने वाली गर्मी का एक हिस्सा बर्तन तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पाता और ऊर्जा की बर्बादी होती है। Quantum स्टोव को इसी समस्या को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाने की बात कही गई है।

इस स्मार्ट गैस चूल्हे को बेहतर ईंधन उपयोग, गर्मी के अधिक प्रभावी इस्तेमाल और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसमें इस्तेमाल की गई Hexa तकनीक गैस और हवा के मिश्रण से लेकर लौ के फैलाव और बर्तन तक गर्मी पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करती है।

BEE की 5-स्टार रेटिंग वाला स्मार्ट गैस चूल्हा

Quantum गैस स्टोव की सबसे प्रमुख विशेषताओं में इसकी 5-स्टार रेटिंग बताई जा रही है। इसे Bureau of Energy Efficiency यानी BEE की ओर से 5-स्टार रेटिंग मिलने का दावा किया गया है। इस रेटिंग को ऊर्जा दक्षता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

कंपनी के अनुसार, Quantum स्टोव 77 प्रतिशत तक थर्मल दक्षता देने में सक्षम है। थर्मल दक्षता का संबंध इस बात से है कि ईंधन से पैदा होने वाली गर्मी का कितना हिस्सा खाना पकाने के लिए प्रभावी रूप से इस्तेमाल हो पाता है। कंपनी का दावा है कि बेहतर दक्षता के कारण रोजमर्रा की कुकिंग में LPG की खपत को कम करने में मदद मिल सकती है।

Hexa तकनीक में आखिर ऐसा क्या है?

Quantum स्टोव की खासियत इसकी Hexa तकनीक को बताया गया है। कंपनी के अनुसार, यह उसकी Proprietary Hexa Technology है, जिसे तीन प्रमुख इंजीनियरिंग नवाचारों के साथ विकसित किया गया है। इन तकनीकों का उद्देश्य गैस के दहन को बेहतर करना और बर्तन तक गर्मी को अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।

इस तकनीक में Air Sensitive Weight का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य हवा और गैस के मिश्रण को बेहतर बनाना है। गैस और हवा का उचित मिश्रण दहन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है। कंपनी का कहना है कि इससे गैस अधिक पूर्ण रूप से जलती है और ईंधन की खपत कम करने में सहायता मिलती है।

Pan Support से बर्तन तक गर्मी पहुंचाने पर जोर

Quantum स्टोव में Patented Pan Support तकनीक भी दी गई है। कंपनी के अनुसार, इसका डिजाइन गर्मी को बर्तन की दिशा में अधिक केंद्रित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इससे खाना पकाने के दौरान गर्मी के अनावश्यक नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

जब गर्मी अधिक प्रभावी ढंग से बर्तन तक पहुंचती है तो खाना पकाने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है। कंपनी इसी आधार पर Quantum स्टोव को सामान्य गैस चूल्हों की तुलना में अधिक दक्ष विकल्प के रूप में पेश कर रही है।

Smart Flame Design से समान रूप से फैलती है आंच

इस गैस स्टोव में Smart Flame Design का भी इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इसका डिजाइन बर्नर की लौ को बर्तन के नीचे समान तरीके से फैलाने में मदद करता है। इससे बर्तन के अलग-अलग हिस्सों तक गर्मी समान रूप से पहुंच सकती है।

समान लौ का फायदा खाना पकाने के दौरान भी मिल सकता है, क्योंकि बर्तन के एक हिस्से में अत्यधिक और दूसरे हिस्से में कम गर्मी पहुंचने की स्थिति को कम करने का प्रयास किया जाता है। इस तरह Quantum स्टोव में ईंधन दक्षता के साथ खाना पकाने की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

सुरक्षा के लिए Flame Failure Device भी मौजूद

गैस चूल्हे में ईंधन की बचत के साथ सुरक्षा भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। Quantum स्टोव में इसी को ध्यान में रखते हुए Flame Failure Device जैसी सुरक्षा तकनीक दी गई है। इसका उद्देश्य उस स्थिति में गैस की आपूर्ति रोकना है, जब किसी कारण से चूल्हे की लौ अचानक बुझ जाए।

कंपनी के अनुसार, अगर हवा या किसी तरल पदार्थ के कारण आंच बुझ जाती है तो यह प्रणाली गैस की आपूर्ति को अपने आप बंद कर देती है। इससे लगातार गैस निकलते रहने की स्थिति को रोकने में मदद मिल सकती है और गैस रिसाव तथा उससे जुड़े संभावित खतरे को कम किया जा सकता है।

LERC से प्रमाणित होने का दावा

Quantum गैस चूल्हे को LPG Equipment Research Centre यानी LERC से प्रमाणित बताया गया है। LERC को सरकारी मान्यता प्राप्त परीक्षण और प्रमाणन संस्था के तौर पर बताया गया है। कंपनी के अनुसार, इस प्रमाणन से स्टोव की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रदर्शन से जुड़े मानकों पर जोर मिलता है।

स्टोव में Flame Failure Device जैसी सुरक्षा व्यवस्था भी दी गई है। इसका उद्देश्य अचानक लौ बुझने की स्थिति में गैस की आपूर्ति रोकना है। इस तरह चूल्हे को ऊर्जा दक्षता के साथ सुरक्षा सुविधाओं से लैस उत्पाद के तौर पर पेश किया गया है।

Quantum स्टोव की कीमत कितनी है?

Quantum गैस स्टोव को अलग-अलग बर्नर विकल्पों के साथ पेश किया गया है। beyong appliances की वेबसाइट के अनुसार, इसका 3 बर्नर वाला मॉडल 8,499 रुपये में उपलब्ध है। वहीं 4 बर्नर वाले Quantum स्टोव की कीमत 9,499 रुपये बताई गई है।

कीमत के लिहाज से यह सामान्य गैस चूल्हों की तुलना में अलग श्रेणी का उत्पाद है, लेकिन इसकी प्रमुख विशेषताओं में ऊर्जा दक्षता, Hexa तकनीक और सुरक्षा प्रणाली को शामिल किया गया है। खरीदारी से पहले ग्राहक को उत्पाद के मौजूदा मॉडल, उपलब्ध सुविधाओं और वेबसाइट पर दी गई कीमत की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

क्या Quantum स्टोव से सच में कम होगी LPG की खपत?

Quantum स्टोव को मुख्य रूप से LPG की बचत और बेहतर थर्मल दक्षता के उद्देश्य से पेश किया गया है। कंपनी 77 प्रतिशत तक थर्मल दक्षता का दावा करती है और इसे BEE की 5-स्टार रेटिंग वाला स्मार्ट स्टोव बताती है। Hexa तकनीक में हवा और गैस के बेहतर मिश्रण, Pan Support तथा Smart Flame Design जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

हालांकि, किसी भी घर में वास्तविक LPG बचत खाना पकाने की अवधि, इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन, आंच का स्तर, भोजन की मात्रा और अन्य उपयोग संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए कंपनी द्वारा बताए गए दक्षता संबंधी दावों को उत्पाद की विशेषताओं के संदर्भ में समझना उचित होगा।