गांधीनगर। गुजरात के गांधीनगर में बुधवार देर रात निर्माणाधीन इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। कुडासन इलाके में हुई इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और निर्माण कार्य में लगे कई मजदूर मलबे में फंस गए। हादसा रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
'द अर्बेनिया' के पास निर्माणाधीन परियोजना में हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा कुडासन इलाके में 'द अर्बेनिया' के पास बन रही 'बॉसी द एम्पायर स्कीम' में हुआ। निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही गांधीनगर अग्निशमन विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
रात साढ़े ग्यारह बजे तक 11 मजदूरों का रेस्क्यू
फायर विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका था। बचाए गए सभी लोगों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया। हालांकि, राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मलबे के अंदर कुल कितने लोग फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से घटनास्थल पर तलाशी अभियान लगातार जारी रखा गया।
फायर विभाग के कर्मचारी विपुल ने बताया कि अब तक 11 लोगों को बचाकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बचाव और तलाशी अभियान अभी जारी है। जैसे-जैसे मलबे की जांच और तलाशी आगे बढ़ेगी, उसी के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि अंदर और कितने लोग फंसे हुए हैं।
गांधीनगर के साथ अहमदाबाद की टीमें भी मौके पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए अहमदाबाद से भी दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। गांधीनगर और अहमदाबाद दोनों स्थानों की टीमें मिलकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों और बचाव दलों का पूरा ध्यान मलबे के नीचे संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने पर है।
फायर ब्रिगेड अधिकारी राजेश पटेल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान में मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी बुलाया गया है।
मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी
हादसे की जानकारी मिलने के बाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान वे घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते नजर आए।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मौके पर मौजूद लोगों से भी बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की। वह फायर ट्रक पर चढ़कर माइक के माध्यम से आसपास मौजूद लोगों से सहयोग करने की अपील करते दिखाई दिए। प्रशासन की ओर से बचाव अभियान को प्राथमिकता देते हुए मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी रही।
विधायक अल्पेश ठाकोर ने कहा- अभी हताहतों की संख्या स्पष्ट नहीं
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक अल्पेश खोदाजी ठाकोर ने भी हादसे को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यहां हादसा हुआ है, लेकिन अभी हताहतों की संख्या नहीं बताई जा सकती। उन्होंने कहा कि राज्य के उपमुख्यमंत्री मौके पर मौजूद हैं और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि तलाशी अभियान पूरा होने और मलबे की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल प्रशासन और बचाव दलों का ध्यान राहत एवं बचाव कार्य पर केंद्रित है।
घायलों में दो महिलाएं और नौ पुरुष
हादसे के बाद अब तक अस्पताल भेजे गए 11 लोगों में दो महिलाएं और नौ पुरुष शामिल हैं। एंबुलेंस कर्मचारी के अनुसार, घायलों में कोई बच्चा नहीं है। अस्पताल भेजे गए सभी लोग निर्माणाधीन इमारत में काम करने वाले मजदूर बताए गए हैं।
सभी 11 घायलों को उपचार के लिए गांधीनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया। घायलों के अस्पताल पहुंचने के बाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया भी गांधीनगर सिविल अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। अस्पताल में घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली गई।
मलबे में और लोगों की तलाश जारी
गांधीनगर के कुडासन में हुए इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि निर्माणाधीन इमारत के मलबे में और कितने लोग फंसे हो सकते हैं। फायर विभाग के कर्मचारियों ने भी कहा है कि तलाशी अभियान आगे बढ़ने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल गांधीनगर और अहमदाबाद की बचाव टीमें घटनास्थल पर लगातार काम कर रही हैं और NDRF की टीम की मदद भी ली जा रही है।
प्रशासन की निगरानी में राहत और बचाव अभियान
निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने के बाद देर रात तक घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मौके पर पहुंचने और अधिकारियों को निर्देश देने के साथ प्रशासन की निगरानी भी बढ़ गई। वहीं, दमकल और बचाव दल मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे।
