ere | Source: rrerनई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह जाने से हड़कंप मच गया। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बाद तत्काल बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 3 अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। राहत एवं बचाव टीमों ने अब तक 8 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए अभियान जारी है।

हादसे के बाद इलाके में मचा हड़कंप, मलबे में लोगों की तलाश

सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य को तत्काल तेज किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी सही संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।

रेस्क्यू टीमों की ओर से मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

गृहमंत्री अमित शाह ने रद्द किया गोवा का कार्यक्रम

दिल्ली में हुए इस हादसे की जानकारी मिलते ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने गोवा के कार्यक्रम को रद्द कर दिया और घटना की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के महानिदेशक से बातचीत कर जमीनी हालात का जायजा लिया।

गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर घटना पर दुख जताते हुए कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना से उन्हें बहुत दुख हुआ है। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन और NDRF की टीमें मिलकर तेजी से बचाव अभियान चला रही हैं। घायलों को हर जरूरी चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एजेंसियों को दिए समन्वय के निर्देश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए बचाव अभियान को तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने और राहत कार्यों में किसी तरह की कमी न रहने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी हादसे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंच गई है और राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर मौजूद टीमें जमीन पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं।

दोपहर करीब 1:30 बजे मिली थी इमारत गिरने की सूचना

दिल्ली फायर सर्विसेज को रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना प्राप्त होते ही दमकल विभाग की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

इसी घटना के संबंध में करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को पुलिस नियंत्रण कक्ष (PCR) से कॉल मिली। कॉल में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत गिरने की जानकारी दी गई थी। सूचना के बाद पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग शुरू किया।

मौके पर आठ दमकल वाहन और NDRF की टीम

हादसे के बाद घटनास्थल पर दिल्ली फायर सर्विस के आठ दमकल वाहन तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग के साथ CAT एंबुलेंस तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

इमारत के मलबे में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक टीम को भी मौके पर भेजा गया है। रेस्क्यू टीमों की ओर से मलबे को हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास लगातार जारी है।

बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

हादसे के बाद इमारत के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की जा रही है। सरकार की ओर से घटना की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।

जांच के दौरान हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का मुख्य ध्यान मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर है।

रेस्क्यू अभियान पर टिकी निगाहें

सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि हादसे में 2 लोगों की मौत और 3 लोगों के घायल होने की जानकारी है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के कारण बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं।