भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। बंडा ब्लॉक के ग्राम नौराज और गूगरा खुर्द में अवैध जहरीली शराब के सेवन से कुछ लोगों की मौत की सूचना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना को अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मौतों की खबर के बाद मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में हुई घटना पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना बेहद दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मामले की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और जो भी व्यक्ति इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रभावित गांवों और आसपास के क्षेत्रों में अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और बीमार लोगों को तत्काल उपचार दिलाने की है।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी ली घटना की जानकारी
घटना के बाद मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी अधिकारियों से तत्काल जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जांच के साथ-साथ राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से घटना से जुड़े पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से कुछ लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों से उनकी चर्चा हुई है। कुछ लोग इस घटना में अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कुछ लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
“जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई”
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी।
सरकार और प्रशासन के इस सख्त रुख के बीच अब जांच के जरिए यह सामने आने की उम्मीद है कि प्रभावित क्षेत्र में अवैध शराब की आपूर्ति किस तरह हुई और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या समूह को घटना का जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
सागर के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
जहरीली शराब से मौतों की जानकारी सामने आने के बाद सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए। सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी की। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के उपचार की स्थिति भी देखी। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से मरीजों को दिए जा रहे उपचार और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों को उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो।
एहतियात के तौर पर 7 दुकानें सील
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एहतियाती कदम भी उठाए हैं। प्रभावित क्षेत्र में प्रथम दृष्टया एहतियातन तौर पर 7 दुकानों को सील किया गया है। इसके साथ ही शराब के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच के दौरान आवश्यक तथ्यों को सामने लाया जा सके।
अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी प्रशासन की ओर से दिए गए हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जांच से जुड़े आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उल्टी, सिरदर्द या बुखार हो तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें
प्रशासन ने आम लोगों से भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, जिन लोगों ने शराब का सेवन किया है और उन्हें उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, वे एहतियात के तौर पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी जांच कराएं।
प्रशासन की इस अपील का उद्देश्य संभावित रूप से प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे किसी भी व्यक्ति को लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और तत्काल स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दी गई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
सागर के बंडा क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद सरकार और प्रशासन दोनों ने सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शने की बात कही है, जबकि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में जांच, नमूना लेने, दुकानों को सील करने और मरीजों के उपचार की निगरानी जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
