समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में सड़क पर एक किशोरी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तार चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट परिसर में आरोपी जिस तरह लंगड़ाकर और पुलिसकर्मियों के सहारे चलते नजर आए, उससे वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस ओर गया। इससे पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाए जाने के दौरान चारों को सामान्य रूप से चलते देखा गया था। अदालत ने चारों आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
अस्पताल में सामान्य चाल, कोर्ट पहुंचते ही लंगड़ाते दिखे आरोपी
बताया गया कि पुलिस ने गुरुवार को विकास शर्मा, राहुल पासवान, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद चारों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से बाहर निकलते समय वे सामान्य तरीके से चलते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
पूछताछ पूरी होने के बाद जब पुलिस चारों को अदालत में पेश करने पहुंची तो उनकी चाल बदली हुई नजर आई। कोर्ट परिसर में कुछ आरोपी लंगड़ाते हुए चलते दिखे और पुलिसकर्मियों के कंधे का सहारा लेते नजर आए।
मुख्य आरोपी विकास शर्मा पर शराब तस्करी के पुराने मामले
पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी विकास शर्मा कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि विकास के खिलाफ अवैध शराब से जुड़े कई मामले पहले भी दर्ज रहे हैं और वह शराब तस्करी के मामलों में कई बार जेल जा चुका है।
इस मामले में दूसरे आरोपी के रूप में गिरफ्तार राहुल पासवान भी जगतसिंहपुर गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार वह मद्य निषेध अधिनियम से जुड़े एक मामले में फरार चल रहा था।
एक चाय की दुकान चलाता है, दूसरा राशन दुकानदार
मामले में गिरफ्तार तीसरा आरोपी रामबाबू सहनी जगतसिंहपुर गांव में चाय की दुकान चलाता है। बताया गया है कि वह इसी दुकान से अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।
चौथा आरोपी अवधेश पासवान बिजौलिया गांव का रहने वाला है। वह गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस की राशन दुकान चलाता है। इस तरह वायरल वीडियो के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों की पृष्ठभूमि अलग-अलग बताई गई है।
वायरल वीडियो में दिखी थी सड़क पर बदसलूकी
पुलिस के मुताबिक बुधवार देर शाम किशोरी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की।
वायरल वीडियो में सड़क किनारे फोटो ले रही एक युवती को कुछ युवक घेरते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार के दृश्य भी नजर आते हैं। युवती लगातार इसका विरोध करती दिखती है, लेकिन आरोपी उससे उलझते और उसके पीछे जाते नजर आते हैं।
आरोपी के मोबाइल से मिला मूल वीडियो
जांच के दौरान पुलिस को एक आरोपी के मोबाइल फोन से घटना का मूल वीडियो भी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने मोबाइल से किसी अन्य व्यक्ति को यह वीडियो भेजा था, जिसके बाद वीडियो आगे प्रसारित होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मूल वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। मामले में पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
कोर्ट परिसर में कान पकड़कर मांगी माफी
चारों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान कुछ आरोपियों ने कान पकड़कर माफी मांगी। वे दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की बात कहते भी नजर आए। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी चार आरोपियों को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
वार्ड सदस्य को पूछताछ के बाद छोड़ा
वायरल वीडियो में स्थानीय वार्ड सदस्य दिलीप राम भी दिखाई देने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस उसे भी पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। हालांकि पुलिस के अनुसार मामले में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका सामने नहीं आने पर उसे बाद में रिहा कर दिया गया।
सुनसान सड़क और पहले की घटनाओं का भी जिक्र
बताया गया है कि घटना कर्पूरीग्राम के जगतसिंहपुर गांव के पास सड़क पर हुई। घटनास्थल से करीब 150 मीटर की दूरी पर बस्ती है, जबकि कर्पूरीग्राम थाना वहां से लगभग 9 किलोमीटर दूर बताया गया है। यह इलाका बूढ़ी गंडक नदी के किनारे होने के कारण अपेक्षाकृत सुनसान रहता है और सड़क पर आवाजाही भी कम बताई जाती है।
स्थानीय स्तर पर इस सड़क पर पहले भी इस तरह की घटनाएं होने की चर्चा है। हालांकि, पुलिस तक मामले नहीं पहुंचने के कारण उन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
चारों आरोपी जेल भेजे गए
किशोरी के साथ सड़क पर कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस जांच में एक आरोपी के मोबाइल से मूल वीडियो मिलने की बात सामने आई है। फिलहाल चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
