ere | Source: erबिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सरकारी स्कूल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कोटा विकासखंड के बहेरामुड़ा स्थित प्राथमिक शाला विद्या मंदिर में पदस्थ एक शिक्षक कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंच गया। शिक्षक की हालत देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसका वीडियो बना लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीडियो में शिक्षक कथित तौर पर नशे की हालत में विभाग और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करता नजर आ रहा है। वह यह भी कहता सुनाई देता है कि उसका कोई कुछ नहीं कर सकता। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है।

नशे में स्कूल पहुंचकर शिक्षक ने कही ऐसी बात

स्थानीय लोगों के अनुसार, शिक्षक के स्कूल पहुंचने के बाद उसकी स्थिति सामान्य नहीं थी। आरोप है कि वह शराब के नशे में था और इसी दौरान उसने कई बातें कहीं। वीडियो में शिक्षक कथित तौर पर कहता है कि वह अपनी मर्जी से काम करेगा और ज्यादा से ज्यादा विभाग उसे नौकरी से बर्खास्त ही कर सकता है।

शिक्षक ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल में शराब पीने की बात कर रहा है। उसके इस कथित बयान ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

10 महीने से वेतन नहीं मिलने का दावा

शिक्षक ने अपनी नाराजगी की वजह बताते हुए दावा किया कि उसे करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिला है। उसने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि बिना वेतन के परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

वीडियो में शिक्षक ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उसने वेतन को लेकर सरकार और विभाग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की तथा दावा किया कि इस संबंध में पत्र लिखने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

‘ज्यादा से ज्यादा टर्मिनेट ही करेंगे’

शिक्षक के कथित बयान का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा उसका नौकरी को लेकर बेपरवाह रवैया बताया जा रहा है। उसने कथित तौर पर कहा कि उसकी जो मर्जी होगी, वह करेगा और ज्यादा से ज्यादा विभाग उसे नौकरी से निकाल सकता है।

वहीं, शिक्षक ने यह भी कहा कि वह स्कूल परिसर में शराब पीकर आएगा। इस तरह के कथित बयान सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी स्कूलों में अनुशासन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

शिकायत के बाद जांच के आदेश, कार्रवाई का इंतजार

मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। जानकारी के अनुसार, विभाग ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

फिलहाल मामले में किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक के खिलाफ विभाग किस स्तर की कार्रवाई करता है और वेतन नहीं मिलने को लेकर उसके दावे में कितनी सच्चाई है।