erer | Source: ererरायपुर। सोशल मीडिया पर सामने आई एक वीडियो के माध्यम से धमतरी जिले के 29 वर्षीय शशिकांत भरत की बीमारी और परिवार की आर्थिक परेशानी की जानकारी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची। मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शशिकांत से फोन पर बातचीत की और उसे हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए शशिकांत को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर में भर्ती कराया है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने खुद फोन कर जाना शशिकांत का हाल

शशिकांत की स्थिति और उसके परिवार की आर्थिक परेशानियों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं शशिकांत को फोन किया और उससे बातचीत कर उसकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस दौरान उसे हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर शशिकांत के इलाज की व्यवस्था के लिए कार्रवाई शुरू की गई।

AIIMS रायपुर में शुरू हुआ उपचार

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शशिकांत को AIIMS रायपुर में भर्ती कराया। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार शुरू किया गया है। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहे शशिकांत के लिए रायपुर स्थित AIIMS में उपचार की व्यवस्था किए जाने से परिवार को राहत मिली है।

इलाज के लिए मुख्यमंत्री ने स्वीकृत किए 4 लाख रुपये

चिकित्सकीय सहायता के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शशिकांत के उपचार के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की है। परिवार लंबे समय से इलाज पर खर्च होने वाले पैसे को लेकर परेशानी का सामना कर रहा था। ऐसे में उपचार के लिए स्वीकृत आर्थिक सहायता परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी है।

2016 में सड़क दुर्घटना ने बदल दी शशिकांत की जिंदगी

शशिकांत के साथ वर्ष 2016 में सड़क दुर्घटना हुई थी। हादसे में उसे गंभीर चोटें आई थीं। दुर्घटना के बाद वह करीब 50 दिनों तक कोमा में रहा था। हादसे के कारण उसकी सर्वाइकल संबंधी समस्या उत्पन्न हुई, जिससे उसके हाथ-पांव की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई। इसके बाद लंबे समय तक अलग-अलग अस्पतालों में उसका उपचार कराया गया, लेकिन उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।

पढ़ाई से घर लौटते समय हुआ था हादसा

परिजनों के मुताबिक, करीब 10 साल पहले शशिकांत पढ़ाई पूरी करने के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसे के बाद परिवार ने उसके इलाज के लिए काफी पैसा खर्च किया। लगातार उपचार और दवाइयों का खर्च उठाने के लिए परिजनों ने ब्याज पर पैसे तक उधार लिए।

इलाज के खर्च से कमजोर हुई परिवार की आर्थिक स्थिति

शशिकांत के परिजनों ने बताया कि दुर्घटना के बाद उसके उपचार में परिवार की बड़ी रकम खर्च हो गई। लंबे समय तक दवाइयां और इलाज जारी रहने के कारण आर्थिक स्थिति कमजोर होती चली गई। परिवार के लिए लगातार उपचार का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। इसी बीच सोशल मीडिया के माध्यम से शशिकांत की स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंची।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद परिवार को मिली राहत

मुख्यमंत्री की ओर से शशिकांत से बातचीत किए जाने और सहायता का भरोसा दिए जाने के बाद जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग ने उसके उपचार की दिशा में कदम उठाया। उसे AIIMS रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार शुरू हुआ। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा 4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत किए जाने से परिवार को आर्थिक सहारा मिला है।

शशिकांत ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

AIIMS रायपुर में उपचार शुरू होने और मुख्यमंत्री की ओर से सहायता मिलने के बाद शशिकांत ने विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। शशिकांत ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं फोन कर उसका हाल-चाल पूछना, AIIMS में इलाज की व्यवस्था कराना और 4 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत करना उसके और उसके परिवार के लिए बड़ा संबल है।

सोशल मीडिया से मुख्यमंत्री तक पहुंची मदद की जानकारी

इस पूरे मामले में सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई शशिकांत की स्थिति ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत से लेकर प्रशासनिक कार्रवाई और अस्पताल में भर्ती कराने तक की प्रक्रिया आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शशिकांत को AIIMS रायपुर में उपचार उपलब्ध कराया गया और उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की गई।