erer | Source: ereeनई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को उस समय सियासी और पुलिस हलकों में हलचल मच गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रा नीशू के पिता संजय कुमार आजाद के साथ कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग की। मामला एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर चर्चा में आया है।

वायरल वीडियो के बाद सड़क पर उतरे कार्यकर्ता

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और नेता आशुतोष रांका के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार आजाद के साथ मारपीट की गई थी। उनका कहना है कि घटना के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए वे पुलिस से मामले में सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, संजय कुमार आजाद की बेटी नीशू उन प्रदर्शनों में शामिल थीं, जो 23 जून को कथित नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में आयोजित किए गए थे। इसी दौरान उनके पिता के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया था।

सीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप

थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जिस व्यक्ति पर मारपीट का आरोप लगाया जा रहा है, उससे जुड़े एक वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

रांका का कहना है कि प्रदर्शनकारी लंबे समय से संजय और उनकी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मामले में कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए राजनीतिक हस्तक्षेप संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक दबाव के आरोपों को खारिज किया है।

चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे थाने

प्रदर्शन के बीच आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी सीजेपी कार्यकर्ताओं के समर्थन में संसद मार्ग थाने पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।

थाने के आसपास प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ने से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण दिखाई दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते रहे।

वीडियो में क्या दावा किया गया?

विवाद की मुख्य वजह स्वतंत्र भारद्वाज का बताया जा रहा एक वायरल वीडियो इंटरव्यू है। वीडियो में कथित तौर पर उन्होंने संजय कुमार आजाद के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया। इसके साथ ही वीडियो में भाजपा नेता कपिल मिश्रा के फोन से जुड़े कुछ दावे भी किए गए हैं।

हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि पूरे मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई को अलग-अलग देखना जरूरी है।

दिल्ली पुलिस ने बताई अपनी कार्रवाई

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुई हाथापाई में संजय के सिर पर चोट लगी थी। पुलिस के मुताबिक, कथित हमलावरों में से एक के हाथ में पहने कड़े की वजह से चोट लगने की बात सामने आई थी।

पुलिस ने बताया कि घायल संजय को आरएमएल अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी चोटों को मामूली बताया गया। इसके बाद संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया।

दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ

पुलिस के अनुसार घटना के बाद सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को मौके से हिरासत में लिया गया था। बाद में दोनों को नोटिस जारी किए गए और उनसे पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।

इस बीच सीजेपी के प्रदर्शन और चंद्रशेखर आजाद के थाने पहुंचने से मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अब निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई और अदालत में पेश किए जाने वाले आरोपपत्र पर टिकी हैं।