पश्चिम बंगाल में चुनाव सिर्फ़ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि प्रशासनिक क्षमता और लोकतांत्रिक भरोसे की भी एक सख़्त परीक्षा माने जाते हैं। ऐसे में शनिवार को हुए पुनर्मतदान ने एक बार फिर सिद्ध किया कि विवादों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच भी बंगाल का वोटर पीछे हटने वाला नहीं है।
संवेदनशील माने जाने वाले मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें दिखीं, जबकि दूसरी ओर चुनाव आयोग ने मतगणना से पहले राज्य में अभूतपूर्व स्तर की निगरानी लागू कर दी है इतनी कड़ी कि इसे बंगाल चुनावों के इतिहास में सबसे सख़्त सुरक्षा कवच माना जा रहा है।
री-पोलिंग में जोरदार उत्साह, दोपहर 3 बजे तक 72.43% वोटिंग
शनिवार को आयोजित पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं में उल्लेखनीय उत्साह देखा गया।चुनाव आयोग के मुताबिक़, दोपहर 3 बजे तक औसतन 72.43% मतदान दर्ज किया गया।
राज्य के वे 15 मतदान केंद्र, जहाँ गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद पुनर्मतदान कराया जा रहा था, शुरू से ही संवेदनशील घोषित किए गए थे। इसके बावजूद मतदाताओं की लंबी कतारें बताती हैं कि स्थानीय लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा कायम रखा है।
डायमंड हार्बर और मगराहट: दो सीटों पर सबसे ज़्यादा नज़रें
पुनर्मतदान के दौरान सबसे अधिक ध्यान इन दो सीटों पर रहा
डायमंड हार्बर , मगरहट पश्चिम
मगराहट पश्चिम में 3 बजे तक 72.50%,जबकि डायमंड हार्बर में 72.36% मतदान दर्ज किया गया।
दोनों क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की कड़ी निगरानी, स्थानीय पुलिस की तैनाती और वोटरों की सक्रियता ने चुनावी माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखा।
मतगणना से पहले बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात
4 मई को होने वाली मतगणना को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए
चुनाव आयोग ने सबसे व्यापक पर्यवेक्षण योजना लागू की है।
आयोग ने जारी किया आदेश 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक 77 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना केंद्रों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है, ताकि किसी प्रकार की हिंसा, दबाव या अनियमितता की गुंजाइश न रह जाए।
4 मई पर टिकी निगाहें: किसके हाथ आएगी सत्ता?
राज्य की सभी 294 सीटों पर दो चरणों 23 अप्रैल 29 अप्रैल में मतदान पूरा हो चुका है।अब पूरे देश की निगाहें 4 मई पर टिकी हैं, जब परिणाम तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल की अगली सरकार कौन बनाएगा।चुनाव आयोग की विस्तृत निगरानी योजना यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मतगणना की प्रक्रिया उतनी ही पारदर्शी रहे, जितना मतदान का उत्साह दिखा।
