TMC vs NDA News: ममता के 3 मुस्लिम सांसदों ने बढ़ाई NDA की टेंशन! 'मंगल मिलन' बैठक से बनाई दूरी,  क्या फिर होगी TMC में वापसी? | Source: Zee news india.comTMC: संसद के मानसून सत्र के दौरान एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक से बागी गुट के तीन मुस्लिम सांसद अनुपस्थित रहे। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने दावा किया कि ये सांसद एनडीए की विचारधारा से सहज नहीं हैं और ममता बनर्जी के खेमे में वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं।

TMC vs NDA News: ममता के 3 मुस्लिम सांसदों ने बढ़ाई NDA की टेंशन! 'मंगल मिलन' बैठक से बनाई दूरी, क्या फिर होगी TMC में वापसी?Source : Zee news india.com

संसद के मानसून सत्र के बीच राजधानी दिल्ली की सियासी हलचल अचानक तेज हो गई है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुलाई गई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की उच्चस्तरीय 'मंगल मिलन' बैठक से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर अलग मोर्चा बनाने वाले बागी सांसदों में से तीन प्रमुख मुस्लिम सांसदों ने इस बैठक से दूरी बना ली। संसद भवन में मौजूद रहने के बावजूद इन सांसदों का एनडीए की बैठक में नहीं पहुंचना अब कई तरह के राजनीतिक कयासों को जन्म दे रहा है।

कौन हैं बैठक से दूर रहने वाले सांसद?

गठबंधन की इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के शीर्ष नेता मौजूद थे। टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट और भाजपा के केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार के बयानों के मुताबिक, अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में:

1. यूसुफ पठान (पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सांसद)

2. अबू ताहेर खान (मुर्शिदाबाद)

3. खलीलुर रहमान

ये तीनों सांसद मंगलवार को संसद परिसर में मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद वे एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल नहीं हुए।

सौगत रॉय ने किया बड़ा दावा

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने एनडीए की इस बैठक पर तंज कसते हुए दावा किया कि मुर्शिदाबाद और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले ये मुस्लिम सांसद एनडीए की विचारधारा से सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। सौगत रॉय ने कहा कि वे स्वतंत्र और धर्मनिरपेक्ष सोच वाले व्यक्ति हैं। एनडीए का यह गठबंधन उनके स्वभाव और राजनीतिक माहौल के अनुकूल नहीं है। यही वजह है कि वे ममता बनर्जी के खेमे में वापस लौटने के रास्ते तलाश रहे हैं। यदि वे टीएमसी में औपचारिक आवेदन देते हैं तो शीर्ष नेतृत्व उनकी वापसी पर विचार कर सकता है।

संसद से सड़क तक बढ़ा विरोध

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने बागी सांसदों के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है। पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत बागी सांसदों को तुरंत अयोग्य ठहराने की मांग की है।

संसद के बाहर टीएमसी के निलंबित सांसद कल्याण बनर्जी ने अपने गले में '20 गद्दार' लिखा पोस्टर लटकाकर अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन किया। वहीं कोलकाता में टीएमसी नेता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं और एजेंसियों का दुरुपयोग कर टीएमसी को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाली एससीपीआई (SCPI) में शामिल होकर एनडीए को समर्थन देने वाले सभी 20 सांसदों को तुरंत अयोग्य घोषित करने की मांग की। संसद के भीतर और बाहर जारी इस राजनीतिक खींचतान के बीच अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये तीनों सांसद वाकई ममता बनर्जी के कुनबे में वापस लौटेंगे या एनडीए के भीतर ही कोई नया राजनीतिक मोड़ देखने को मिलेगा।