ere | Source: rerनई दिल्ली। बिहार में भीषण बाढ़ के बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत अभियान चला रहे हैं। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें वह बाढ़ के पानी के बीच प्रभावित लोगों तक पहुंचते और राहत सामग्री वितरित करते दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों, विशेष रूप से महिलाओं को 500-500 रुपये की नकद सहायता भी दी है। इसके अलावा राशन और अन्य जरूरी सामान भी लोगों के बीच बांटा जा रहा है।

बाढ़ के बीच राहत अभियान, नकद मदद से लेकर राशन तक बांट रहे पप्पू यादव

पप्पू यादव ने पटना के दीघा घाट, पूर्णिया, कटिहार और राघोपुर जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई। राहत सामग्री में चूड़ा, चावल, आटा और जरूरत की अन्य वस्तुएं शामिल हैं। प्रभावित महिलाओं को सेनेटरी पैड भी उपलब्ध कराए गए। बाढ़ के कारण कई इलाकों में आवागमन प्रभावित होने के बीच लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था भी कराई गई।

उनके राहत अभियान के दौरान नकद सहायता बांटने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। कई जगहों पर पप्पू यादव बाढ़ प्रभावित महिलाओं और परिवारों को 500-500 रुपये देते नजर आए। इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह सवाल भी उठने लगा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को नकद सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उनके पास धन कहां से आता है।

‘मेरे पास इतना पैसा है कि सरकार के पास भी नहीं होगा’, बयान भी चर्चा में

राहत अभियान के दौरान पप्पू यादव का एक बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके पास इतना पैसा है कि सरकार के पास भी नहीं होगा। उन्होंने बताया कि जब राहत सामग्री के रूप में राशन खत्म हो गया, तब लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें सीधे नकद राशि बांटनी पड़ी।

इसी राहत अभियान के दौरान पटना में राहत सामग्री बांटते समय भीड़ का फायदा उठाकर उनके बैग या जेब से करीब 1 लाख रुपये चोरी होने की बात भी सामने आई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह राशि राहत वितरण के दौरान उनके पास मौजूद बताई गई थी।

पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर नीतीश कुमार और केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों तक समय पर पर्याप्त सहायता नहीं पहुंची।

अब सवाल—पप्पू यादव के पास कितनी संपत्ति है?

बाढ़ पीड़ितों को लगातार नकद सहायता देने और राहत सामग्री बांटने के बीच सोशल मीडिया पर उनकी संपत्ति को लेकर चर्चा तेज हुई। ऐसे में उनके चुनावी हलफनामे में दर्ज संपत्ति का आंकड़ा महत्वपूर्ण हो जाता है।

2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल पप्पू यादव के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति 12,08,84,682 रुपये, यानी करीब 12.08 करोड़ रुपये थी। यह वह संपत्ति है, जिसे उन्होंने चुनावी हलफनामे में घोषित किया था।

करीब 1.72 करोड़ रुपये की देनदारियां भी घोषित

चुनावी हलफनामे में केवल संपत्ति का ही विवरण नहीं होता, बल्कि उम्मीदवार की देनदारियों और कर्ज की जानकारी भी दर्ज होती है। पप्पू यादव के 2024 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल देनदारियां 1,72,36,808 रुपये, यानी करीब 1.72 करोड़ रुपये बताई गई थीं।

इस तरह हलफनामे में घोषित संपत्ति और देनदारियों दोनों का विवरण सामने आता है। उनकी घोषित संपत्तियों में चल और अचल, दोनों प्रकार की संपत्तियां शामिल थीं।

इनोवा कार और करीब 204 ग्राम सोना भी संपत्ति में शामिल

हलफनामे के मुताबिक, पप्पू यादव के पास एक इनोवा कार और करीब 204 ग्राम सोना भी दर्ज था। इसके अलावा उनकी चल संपत्तियों में नकद और बैंक में जमा राशि जैसी संपत्तियां भी शामिल थीं।

अचल संपत्तियों के तौर पर आवासीय और व्यावसायिक जमीन से संबंधित संपत्तियों का विवरण भी चुनावी हलफनामे में दर्ज किया गया था। यानी उनकी घोषित करीब 12.08 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति में अलग-अलग प्रकार की चल और अचल संपत्तियां शामिल थीं।

12.08 करोड़ की संपत्ति का आंकड़ा कितना पुराना है?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। पप्पू यादव की संपत्ति से जुड़े ये आंकड़े 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए स्वघोषित चुनावी हलफनामे से संबंधित हैं। इसलिए इन्हें सितंबर 2026 में उनकी मौजूदा कुल संपत्ति का अंतिम और ताजा आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

चुनावी हलफनामे में किसी उम्मीदवार द्वारा उस समय घोषित की गई संपत्ति का विवरण दर्ज होता है। इसके बाद संपत्ति, निवेश, देनदारियों या अन्य वित्तीय स्थिति में बदलाव हो सकता है। इसलिए वर्तमान समय में उनके पास कुल कितनी संपत्ति है, यह केवल पुराने 2024 के हलफनामे के आधार पर निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।

राहत अभियान और संपत्ति की चर्चा के बीच क्या तस्वीर सामने आती है?

पप्पू यादव का बाढ़ राहत अभियान इस समय चर्चा में है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनके पहुंचने, राशन और जरूरी सामान बांटने तथा कई लोगों को 500-500 रुपये की नकद सहायता देने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इसी के साथ लोगों की दिलचस्पी उनके निजी आर्थिक संसाधनों और घोषित संपत्ति को लेकर बढ़ी है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2024 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने करीब 12.08 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की थी और करीब 1.72 करोड़ रुपये की देनदारियां बताई थीं। हालांकि, इन आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बाढ़ राहत अभियान में वितरित की जा रही प्रत्येक राशि या सामग्री का स्रोत क्या है, क्योंकि उपलब्ध हलफनामे की जानकारी मुख्य रूप से उनकी चुनावी समय की घोषित वित्तीय स्थिति बताती है।