जयपुर। राजस्थान की राजनीति में युवा पीढ़ी यानी Gen-Z की सक्रिय भागीदारी अब चुनावी नतीजों में भी दिखाई देने लगी है। राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 में कई युवा उम्मीदवारों ने चुनाव मैदान में उतरकर अपनी किस्मत आजमाई थी। जयपुर नगर निगम के वार्ड 71 से कांग्रेस के 21 वर्षीय उम्मीदवार फैज हसन ने शानदार जीत दर्ज कर इस चुनाव में खास पहचान बनाई है। फैज हसन को कुल 5,426 वोट मिले, जबकि उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद सलीम को 5,256 वोट प्राप्त हुए। इस तरह फैज हसन ने 170 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
फैज हसन की जीत को राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में युवा उम्मीदवारों के बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। महज 21 वर्ष की उम्र में चुनाव जीतकर उन्होंने स्थानीय राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। वार्ड 71 के चुनाव परिणाम में फैज हसन सबसे अधिक मत हासिल करने वाले उम्मीदवार रहे। उनके बाद निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद सलीम दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बीजेपी की उम्मीदवार निशा गौर तीसरे स्थान पर रहीं।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में मतगणना जारी
जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के लिए मतगणना जारी है। उपलब्ध ताजा परिणामों के अनुसार अब तक बीजेपी ने 40 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को 33 सीटों पर सफलता मिली है। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 8 सीटों पर जीत हासिल की है। चुनाव परिणाम पूरी तरह सामने आने के बाद जयपुर नगर निगम की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
वार्ड 112 से जीत दर्ज करने वाले बीजेपी के प्रमुख उम्मीदवार सुनील कोठारी को मेयर पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, जयपुर नगर निगम के सभी वार्डों की मतगणना पूरी होने के बाद ही नगर निगम में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगे।
कांग्रेस ने बीजेपी से ज्यादा युवा उम्मीदवारों को दिया मौका
इस नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों ने युवा चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा था। खास बात यह रही कि कांग्रेस ने बीजेपी की तुलना में अधिक संख्या में Gen-Z उम्मीदवारों को टिकट दिया। बीजेपी ने 21 से 29 वर्ष की उम्र के छह युवा उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था।
बीजेपी के युवा उम्मीदवारों में वार्ड 10 से 21 वर्षीय पलक यादव, वार्ड 119 से 22 वर्षीय यश राणावत और वार्ड 150 से 23 वर्षीय शालू मीणा शामिल हैं। इनके अलावा निधि जैन, सूरज गोड़ीवाल और अजय टेपन को भी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था। इन तीनों उम्मीदवारों की उम्र 29 वर्ष है।
वहीं कांग्रेस ने 21 से 29 वर्ष की उम्र के कुल 12 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था। पार्टी की ओर से सबसे कम उम्र के उम्मीदवार वार्ड 71 से 21 वर्षीय फैज हसन थे। उन्होंने जीत हासिल कर पार्टी के युवा उम्मीदवारों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
कांग्रेस के इन युवा चेहरों पर भी रही नजर
कांग्रेस के अन्य युवा उम्मीदवारों में मानवेंद्र सिंह और सुमन भाटी की उम्र 22 वर्ष है। हर्षिता जैन 23 वर्ष की हैं, जबकि श्रुति भारद्वाज की उम्र 26 वर्ष है। मोहम्मद सोहेल मंसूरी और वंदिता शर्मा 27 वर्ष के हैं। नवरतन शर्मा, संजय बरोदिया और आशा सैनी की उम्र 28 वर्ष है। धनराज सैनी और सलमान मंसूरी 29 वर्ष के हैं।
इन युवा उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने स्थानीय निकाय की राजनीति में नई पीढ़ी को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की। हालांकि, अंतिम परिणाम यह तय करेंगे कि इन युवा चेहरों में से कितने उम्मीदवार नगर निकायों में अपनी जगह बनाने में सफल होते हैं।
10 नगर निगमों में भी बना दिलचस्प मुकाबला
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के ताजा रुझानों में राज्य के 10 नगर निगमों में भी दिलचस्प राजनीतिक स्थिति दिखाई दे रही है। उपलब्ध रुझानों के अनुसार पांच नगर निगमों में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि तीन नगर निगमों में कांग्रेस को बढ़त हासिल है। एक नगर निगम में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा दिखाई दे रहा है, जबकि एक नगर निगम में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बराबरी का मुकाबला यानी टाई की स्थिति बनी हुई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के लिए दो चरणों में निकाय चुनाव कराए थे। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका शामिल हैं। इन चुनावों के परिणामों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
युवा राजनीति के लिए अहम संकेत
जयपुर के वार्ड 71 से फैज हसन की जीत नगर निकाय चुनाव में युवा भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है। 21 वर्ष की उम्र में चुनाव जीतने वाले फैज हसन ने न केवल अपने वार्ड में जीत दर्ज की, बल्कि यह भी दिखाया कि स्थानीय राजनीति में कम उम्र के उम्मीदवारों को मतदाताओं का समर्थन मिल सकता है। वहीं, कांग्रेस और बीजेपी की ओर से बड़ी संख्या में युवा उम्मीदवारों को टिकट दिया जाना भी नगर निकाय चुनाव में नई पीढ़ी को अवसर दिए जाने की तस्वीर पेश करता है।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव के बाकी परिणाम आने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों दलों के कितने युवा उम्मीदवार जीत दर्ज कर नगर निकायों में पहुंचते हैं। फिलहाल जयपुर के वार्ड 71 में फैज हसन की 170 मतों की जीत ने राजस्थान नगर निकाय चुनाव में Gen-Z की मौजूदगी को जरूर चर्चा में ला दिया है।
