नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों भोजपुरी रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में नजर आ रहे हैं। शो में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। इसी दौरान एक बातचीत में तेज प्रताप यादव अपने पिता लालू यादव और परिवार से अलग रहने के सवाल पर भावुक हो गए। उनसे जब पूछा गया कि क्या परिवार से अलग रहने पर उन्हें तकलीफ होती है, तो उन्होंने कहा, “भगवान ने यही लिखा है तो यही होगा, विधाता ने जो लिखा, वो होगा, उसमें हम और आप कुछ नहीं कर सकते।”
पिता लालू यादव का जिक्र आते ही भावुक हुए तेज प्रताप
जियो हॉटस्टार ने इंस्टाग्राम पर तेज प्रताप यादव और पत्रकार शुभांकर मिश्रा की बातचीत का एक वीडियो साझा किया है। इस बातचीत में तेज प्रताप से उनके पिता लालू यादव के साथ रिश्ते को लेकर सवाल किया गया। शुभांकर मिश्रा ने कहा कि तेज प्रताप और उनके पिता का रिश्ता काफी गहरा दिखाई देता है और तेज प्रताप में लालू यादव की झलक भी नजर आती है।
इस पर तेज प्रताप यादव ने कहा, “कौन बेटा नहीं चाहता कि अपने पिता की तरह बने और नाम कमाए। सब चाहते हैं।” उनके इस जवाब से यह साफ नजर आया कि पिता लालू यादव को लेकर उनके मन में सम्मान और उनसे जुड़ाव की भावना अब भी बनी हुई है।
‘घर से अलग रहने पर तकलीफ होती है?’ सवाल पर दिया भावुक जवाब
बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव से सीधे पूछा गया कि क्या उन्हें अपने घर और परिवार से अलग रहने पर तकलीफ होती है। इस सवाल पर उन्होंने कहा, “भगवान ने यही लिखा है तो यही होगा, विधाता ने जो लिखा, वो होगा, उसमें हम और आप कुछ नहीं कर सकते।”
तेज प्रताप के इस बयान को उनके मौजूदा पारिवारिक हालात से जोड़कर देखा जा रहा है। बातचीत के दौरान उन्होंने अलग रहने की स्थिति को लेकर किसी तरह का विवादित बयान देने के बजाय इसे नियति से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
आखिर परिवार से अलग क्यों हुए तेज प्रताप यादव?
तेज प्रताप यादव लंबे समय से अपने पिता और परिवार से अलग रह रहे हैं। मूल खबर के अनुसार, पिछले साल मई में सोशल मीडिया पर तेज प्रताप के खाते से निजी संबंधों से जुड़ी तस्वीर साझा किए जाने के बाद परिवार में विवाद की स्थिति बनी थी। बाद में यह तस्वीर हटा दी गई थी, लेकिन इस पूरे मामले पर लालू यादव और परिवार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई थी।
इसके बाद तेज प्रताप परिवार से अलग रहने लगे। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति के साथ-साथ लालू यादव के परिवार को लेकर भी काफी चर्चा पैदा की थी।
लालू यादव ने तेज प्रताप को लेकर एक्स पर क्या लिखा था?
इस घटनाक्रम के बाद लालू यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए तेज प्रताप को लेकर बड़ा फैसला सार्वजनिक किया था। उन्होंने कहा था कि तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से दूर किया जा रहा है। लालू यादव ने यह भी कहा था कि अब पार्टी और परिवार में तेज प्रताप की कोई भूमिका नहीं होगी और उन्हें पार्टी से छह साल के लिए बाहर कर दिया गया है।
लालू यादव के इस फैसले के बाद तेज प्रताप की राजनीतिक और पारिवारिक स्थिति को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, अब भोजपुरी बवाल शो में पिता और परिवार से जुड़े सवालों पर तेज प्रताप की भावुक प्रतिक्रिया ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
अलग बंगले में रहने लगे, बनाई अपनी राजनीतिक पार्टी
परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव एक अलग बंगले में रहने लगे। इसके बाद उन्होंने बिहार में जनशक्ति जनता दल नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी भी बनाई। उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के जरिए चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली और वह खुद भी चुनाव हार गए।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच तेज प्रताप का अपने पिता लालू यादव को लेकर दिया गया बयान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिता की तरह नाम कमाने की इच्छा पर उन्होंने साफ कहा कि हर बेटा चाहता है कि वह अपने पिता की तरह बने और नाम कमाए।
भोजपुरी बवाल शो में चर्चा में हैं तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव इन दिनों ‘भोजपुरी बवाल’ रियलिटी शो का हिस्सा हैं। इस शो में भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़े चर्चित चेहरे भी शामिल हैं, जिनमें आम्रपाली दुबे और पवन सिंह जैसे नाम शामिल हैं। शो की शुरुआत से ही यह चर्चा में बना हुआ है।
इसी शो के दौरान तेज प्रताप और शुभांकर मिश्रा के बीच हुई बातचीत का वीडियो सामने आया, जिसमें उनके निजी जीवन और पिता लालू यादव के साथ रिश्ते को लेकर सवाल किए गए। बातचीत के दौरान तेज प्रताप ने अपने पिता की तरह बनने और नाम कमाने की इच्छा की बात कही, वहीं परिवार से अलग रहने के सवाल पर उन्होंने इसे विधाता की इच्छा बताया।
पिता से दूरी के बीच बेटे के मन की बात सामने आई
तेज प्रताप यादव के बयान में पिता लालू यादव के प्रति उनके भावनात्मक जुड़ाव की झलक दिखाई दी। उन्होंने पिता की तरह बनने की इच्छा को सामान्य बेटे की भावना बताया। वहीं, परिवार से अलग रहने को लेकर उन्होंने कहा कि अगर भगवान ने यही लिखा है तो यही होगा।
तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनके और लालू यादव के बीच दूरी को लेकर पहले भी राजनीतिक और पारिवारिक स्तर पर काफी चर्चा होती रही है। परिवार से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक राह भी अलग बनाने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली।
‘भगवान ने यही लिखा है तो यही होगा’ पर टिक गई बातचीत
भोजपुरी बवाल में हुई बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने अपने पारिवारिक जीवन से जुड़े सवालों पर विस्तार से बात करने के बजाय अपनी स्थिति को नियति से जोड़कर जवाब दिया। उनके शब्दों में पिता से जुड़ी भावनाएं भी दिखाई दीं और मौजूदा परिस्थितियों को स्वीकार करने का भाव भी नजर आया।
फिलहाल तेज प्रताप यादव भोजपुरी बवाल शो के जरिए लोगों के बीच चर्चा में हैं। शो में उनके पिता लालू यादव और परिवार से जुड़े सवाल ने उनके निजी जीवन के उस पहलू को फिर सामने ला दिया, जिस पर लंबे समय से राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा होती रही है। उनका यह बयान कि “भगवान ने यही लिखा है तो यही होगा” परिवार से दूरी को लेकर उनके मन की स्थिति की एक झलक जरूर देता है, जबकि आगे उनके पारिवारिक रिश्तों को लेकर क्या स्थिति बनती है, यह स्पष्ट नहीं है।
