ere | Source: ererप्रयागराज। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार, 8 अगस्त 2026 को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान राहुल गांधी ने रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, युवाओं के डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि भारत में रोजगार के पांच प्रमुख दरवाजे थे, जिन्हें मौजूदा केंद्र सरकार ने बंद कर दिया है।

छात्रों के बीच राहुल गांधी ने उठाया रोजगार का मुद्दा

राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि देश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों से जुड़े पांच दरवाजे थे, लेकिन अब वे बंद हो गए हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक हो जाता है। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों के कारण युवाओं के सामने रोजगार हासिल करने की चुनौती और बढ़ गई है।

राहुल गांधी ने कहा कि लंबे समय तक मेहनत करने के बाद जब पेपर लीक हो जाता था तो युवा डर के कारण अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते थे। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान के युवाओं ने अपने डर का सामना किया और देश को बदलने की दिशा में अपनी आवाज उठाई। राहुल गांधी ने युवाओं की आवाज का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने नफरत के साथ नहीं, बल्कि मोहब्बत के साथ अपनी बात रखी।

‘आपके डेटा के बिना एआई का कोई मतलब नहीं’

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते प्रभाव और युवाओं के डेटा को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान के पास बड़ी संख्या में युवा हैं और सबसे अधिक डेटा भी युवाओं के पास है। राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि उनके डेटा के बिना एआई का कोई मतलब नहीं है।

राहुल गांधी ने युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भारत के पास करीब 40 करोड़ ऊर्जावान युवा हैं। उनके अनुसार, भारत की युवा शक्ति ऐसी क्षमता रखती है, जिसका मुकाबला अमेरिका, चीन और रूस भी नहीं कर सकते। उन्होंने युवाओं की क्षमता और उनकी भूमिका को भारत की ताकत से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

पढ़ाई के बाद प्रमाणपत्र, फिर भी रोजगार का सवाल

राहुल गांधी ने इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों से पैसा लिया जाता है, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद मिलने वाले प्रमाणपत्र का तब कोई अर्थ नहीं रह जाता, जब वह प्रमाणपत्र रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाता।

उन्होंने युवाओं की शिक्षा और रोजगार के बीच के संबंध पर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को लंबे समय तक पढ़ाई करनी पड़ती है और इसके लिए खर्च भी करना पड़ता है। इसके बावजूद यदि शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार का अवसर नहीं मिलता तो युवाओं के सामने बड़ी चुनौती पैदा होती है।

छात्रों ने भर्ती और पेपर लीक की समस्याएं बताईं

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत भी की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के बाद उत्पन्न होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से अपनी बात रखी।

छात्रों की ओर से बताई गई समस्याओं में भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनी और पेपर लीक तथा रोजगार के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को लंबे समय तक तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होना पड़ता है, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर असर डालती हैं।

‘1000 युवाओं में सिर्फ 12 को नौकरी’ का किया दावा

पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने दावा किया कि भारत में 1000 युवाओं में से केवल 12 युवाओं को नौकरी मिलती है। उन्होंने रोजगार की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि युवाओं के सामने नौकरी हासिल करना बड़ी चुनौती बन गया है।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में युवाओं के डेटा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं का डेटा लेकर बड़ी कंपनियों को बेचा जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने जिओ और अडानी का नाम भी लिया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और नागरिकों का डेटा भारत की शक्ति है।

‘हर नागरिक भारत की शक्ति है’

राहुल गांधी ने कहा कि देश का प्रत्येक युवा नागरिक भारत की शक्ति है। उन्होंने भारत में उपलब्ध डेटा को भी देश की महत्वपूर्ण ताकत के रूप में प्रस्तुत किया। उनका कहना था कि दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा भारत में है और प्रत्येक नागरिक देश की शक्ति है।

एआई के दौर में डेटा की भूमिका पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने युवाओं से कहा कि उनके डेटा के बिना एआई का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने युवाओं को केवल रोजगार पाने वाले वर्ग के रूप में नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और तकनीकी क्षमता के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर प्रस्तुत किया।

केंद्र सरकार पर फिर साधा निशाना

प्रयागराज में छात्रों के बीच राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को युवाओं की चिंता से जोड़ते हुए कहा कि भारत में रोजगार के पांच दरवाजे थे और वे बंद हो चुके हैं।

राहुल गांधी ने पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी आवाज उठाने के लिए डर से बाहर निकलना पड़ा। उन्होंने छात्रों के आंदोलन और उनकी आवाज को नफरत के बजाय मोहब्बत से अपनी बात रखने से जोड़ा।

‘ये शहर मेरे परिवार का है’

प्रयागराज के साथ अपने पारिवारिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह शहर उनके परिवार का है। छात्रों के बीच अपने संबोधन में उन्होंने प्रयागराज से जुड़े इस भावनात्मक संबंध का भी जिक्र किया।

राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार से जुड़ी अपनी चिंताओं को उनके सामने रखा। राहुल गांधी ने इन मुद्दों को देश के युवाओं की व्यापक स्थिति से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

रोजगार से लेकर एआई तक, युवाओं पर केंद्रित रहा संबोधन

प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का संबोधन मुख्य रूप से रोजगार, भर्ती परीक्षा, पेपर लीक, शिक्षा, प्रमाणपत्र, डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा। उन्होंने युवाओं की संख्या और उनकी क्षमता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास बड़ी युवा आबादी और विशाल डेटा है। उनके अनुसार, इन दोनों संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल देश की क्षमता को नई दिशा दे सकता है। वहीं रोजगार और भर्ती परीक्षाओं के सवाल पर उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया।