कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में नई कानूनी चुनौती का सामना कर रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद CBI ने याचिकाकर्ता को बयान और साक्ष्यों के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: CBI के एक्शन से बढ़ीं मुश्किलें, 10 अगस्त को तलब, हाईकोर्ट भी सख्तSource : Abp news.com
राहुल गांधी से जुड़े मामले में CBI ने बढ़ाई कार्रवाई
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले में जांच प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा मामले में कड़ा रुख अपनाने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर को नोटिस जारी किया है। उन्हें 10 अगस्त को नई दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराने और उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अदालत पहले ही जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर असंतोष जता चुकी है और मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दे चुकी है।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई जांच
जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने CBI की पहले प्रस्तुत रिपोर्ट पर संतोष नहीं जताया था। अदालत ने संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी से नया और विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत का मानना था कि मामले की जांच और तथ्यों की स्थिति को अधिक स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड पर लाना आवश्यक है।
यही कारण है कि अब CBI ने याचिकाकर्ता को बुलाकर उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर उनका बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।
क्या बोले याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर?
मामले को लेकर जब याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर से पूछा गया तो उन्होंने पुष्टि की कि उन्हें CBI मुख्यालय में उपस्थित होने का नोटिस मिला है। हालांकि उन्होंने मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह विषय फिलहाल अदालत में विचाराधीन है, इसलिए वह इस पर अधिक कुछ नहीं कहना चाहते।
पहले भी हुई थी लंबी सुनवाई
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 12 मई को बंद कमरे में करीब दो घंटे तक सुनवाई की थी। इसके बाद 14 मई को जारी आदेश में न्यायमूर्ति आर.एस. चौहान और न्यायमूर्ति बी.आर. सिंह की पीठ ने कहा था कि CBI ने अदालत को बताया है कि उसे याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और निर्धारित समय सीमा के भीतर वह अपना जवाब दाखिल करेगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि शिकायत विधिवत प्राप्त हुई है तो कानून के अनुसार आरोपों का सत्यापन किया जाना चाहिए।
याचिका में क्या लगाए गए हैं आरोप?
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने अपनी घोषित आय की तुलना में अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसी आधार पर उन्होंने मामले की जांच CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग की है।
मामले में हाईकोर्ट ने केवल CBI और ED ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय तथा कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को भी जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
20 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और इसकी अगली सुनवाई 20 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है। माना जा रहा है कि उस दिन अदालत के सामने जांच एजेंसियों और संबंधित विभागों की ओर से दाखिल रिपोर्ट तथा हलफनामों पर चर्चा हो सकती है। मामले के अंतिम निष्कर्ष पर अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला होगा।
