Privilege Notice: अमित शाह के खिलाफ बयान देकर फंसे Rahul Gandhi, Lok Sabha में बढ़ी मुश्किलें, 28 अगस्त तक देना होगा जवाब | Source: Abp news.comसंसद में दिए भाषण को लेकर राहुल गांधी से मांगा जवाब, 28 अगस्त तक देना होगा स्पष्टीकरण; असंसदीय भाषा और गंभीर आरोप लगाने की शिकायत पर कार्रवाई

Privilege Notice: अमित शाह के खिलाफ बयान देकर फंसे Rahul Gandhi, Lok Sabha में बढ़ी मुश्किलें, 28 अगस्त तक देना होगा जवाबSource : Abp news.com

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद में दिए गए एक भाषण को लेकर उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर असंसदीय और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। समिति ने उन्हें 28 अगस्त 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और संजय जायसवाल ने राहुल गांधी के भाषण को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने सदन में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया और गंभीर आरोप लगाए। इसी शिकायत के आधार पर अब विशेषाधिकार समिति ने राहुल गांधी से जवाब मांगा है।

किस बयान को लेकर हुई शिकायत?

मामला एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में हुई चर्चा के दौरान दिए गए राहुल गांधी के भाषण से जुड़ा बताया जा रहा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने नियम 353 के तहत पर्याप्त पूर्व सूचना दिए बिना गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

बीजेपी सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से भी राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत में कहा गया कि संसद की कार्यवाही के दौरान इस्तेमाल किए गए कथित असंसदीय शब्दों का संज्ञान लिया जाना चाहिए और संसदीय प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

28 अगस्त तक देना होगा जवाब

विशेषाधिकार समिति ने राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने के लिए 28 अगस्त 2026 तक का समय दिया है। अब राहुल गांधी की ओर से दिए जाने वाले जवाब के बाद समिति पूरे मामले की समीक्षा करेगी।

अगर समिति उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होती है, तो राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से समिति के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जा सकता है। इसके बाद जांच की प्रक्रिया पूरी होने पर समिति अपनी रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर और सदन के सामने पेश कर सकती है।

अनुराग ठाकुर पहले भी दे चुके हैं नोटिस

यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मुद्दा उठाया है। इससे पहले 29 जुलाई को भी उन्होंने राहुल गांधी के कथित ‘स्टूडेंट्स, इडियट्स, अंधभक्त’ वाले बयान को लेकर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था।

अनुराग ठाकुर ने उस बयान को संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताते हुए राहुल गांधी पर अपमानजनक और मानहानिकारक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। हालांकि, राहुल गांधी की ओर से सदन में ‘इडिएट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों को लेकर कही गई कुछ बातें संसद की कार्यवाही से हटा दी गई थीं।

 अब आगे क्या होगा?

फिलहाल विशेषाधिकार समिति के नोटिस के बाद राहुल गांधी के जवाब का इंतजार रहेगा। जवाब मिलने के बाद समिति आरोपों और राहुल गांधी के पक्ष की समीक्षा करेगी। यदि समिति को जवाब पर्याप्त नहीं लगता है, तो आगे की प्रक्रिया के तहत उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा सकता है।

इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर लोकसभा अध्यक्ष और सदन के समक्ष रखेगी। यानी 28 अगस्त की समयसीमा के बाद राहुल गांधी के इस मामले में अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।