1राहुल गांधी और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं का समर्थन करते हुए बीजेपी पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि राहुल गांधी और पप्पू यादव लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करना गलत है। वहीं, बीजेपी ने पूरे प्रदर्शन को धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

FIR पर TMC का समर्थन, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी और पप्पू यादव ने कोई गलत काम नहीं किया। उनके मुताबिक, विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन बीजेपी सरकार विरोध करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें दबाने की कोशिश करती है। रॉय ने कहा कि यह बीजेपी की पुरानी कार्यशैली है कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाती है।

राम मंदिर चंदा विवाद से जुड़ा है पूरा मामला

यह विवाद संसद परिसर में 31 जुलाई को हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव पुजारी के वेश में नजर आए और हाथ में दानपेटी लेकर कथित तौर पर राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। इस दौरान कई विपक्षी सांसद भी उनके साथ मौजूद थे। प्रदर्शन के बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया और वाराणसी में राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

कांग्रेस का पलटवार, बीजेपी ने की सख्त कार्रवाई की मांग

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि राम मंदिर के चंदे में गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर बीजेपी ने इस प्रदर्शन की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सनातन धर्म और धार्मिक प्रतीकों का अपमान बताया है। पार्टी ने प्रदर्शन में शामिल नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी, पप्पू यादव, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।