Meta FIR India: हैदराबाद साइबर पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित AI से बनी मॉर्फ्ड रील्स और तस्वीरों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।
Meta FIR India: PM मोदी की 'मॉर्फ्ड' रील्स पर बड़ा एक्शन, मेटा इंडिया के हेड के खिलाफ FIR दर्जSource : Abp news.com
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित तौर पर AI से बने मॉर्फ्ड वीडियो और तस्वीरें फैलाने के मामले में 6 इंस्टाग्राम अकाउंट और मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया है। आईटी एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत केस किया गया है। बता दें कि कॉकरोज जनता पार्टी और NEET पेपर लीक आंदोलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर मॉर्फ्ड और अपमानजनक कंटेंट पोस्ट करने का मामला सामने आया था। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस की ओर से दो केस दर्ज किए जाने के बाद पहली बार मेटा इंडिया के प्रमुख को सह-आरोपी बनाया गया है।
हैदराबाद साइबर पुलिस करेगी जांच
अब हैदराबाद साइबर पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि इन AI वीडियो की शुरुआत कहां से हुई, इन्हें सोशल मीडिया पर कैसे बढ़ावा मिला और क्या मेटा के पास इन्हें रोकने का कोई प्रभावी उपाय नहीं था। बता दें कि एफआईआर दर्ज होने से पहले हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा के प्रतिनिधियों को समन भेजा था। इसके कुछ दिनों बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने मेटा से यह भी स्पष्ट करने को कहा था कि कंपनी के पास AI से बनाए गए वीडियो और फर्जी विज्ञापनों से निपटने के लिए क्या तकनीक मौजूद है। पुलिस ने साफ किया है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
बीजेपी नेताओं ने दर्ज कराई शिकायत
बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के मॉर्फ्ड रील्स और वीडियो को लेकर तेलंगाना में भाजपा सोशल मीडिया कोर कमेटी के सदस्य टी. साईकिरण गौड़ और एस. अरविंद रेड्डी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से कहा था कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ऐसे कई वीडियो साझा किए गए, जिनमें पीएम मोदी समेत अन्य नेताओं के मॉर्फ्ड वीडियो मौजूद थे। उनका कहना था कि ऐसे वीडियो न केवल जनता को गुमराह करते हैं, बल्कि देश की संप्रभुता और अखंडता को भी प्रभावित करते हैं। इसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
पहले भी मेटा पर उठे थे सवाल
दरअसल, यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी की ओर से साझा किया गया एक वीडियो फेसबुक पर अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को इस मामले में तलब किया था। बाद में मेटा ने सुधार करते हुए पीएम मोदी के आधिकारिक वीडियो को दोबारा फेसबुक पर बहाल कर दिया था। वहीं अब पीएम मोदी के कथित मॉर्फ्ड वीडियो को लेकर एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
