erer | Source: ererनई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों 1980 के दशक के अंदाज में तस्वीरें और वीडियो बनाने का एक नया AI ट्रेंड तेजी से चर्चा में है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे इस ट्रेंड में लोग अपनी मौजूदा तस्वीर को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI की मदद से पुराने दौर के रूप में बदल रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 80 के दशक वाला लुक भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। हालांकि, यह तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं साझा नहीं की है। इसे हिमाचल प्रदेश भाजपा ने AI की मदद से तैयार कर साझा किया है।

PM मोदी की तस्वीर ने खींचा ध्यान, भाजपा ने अपनाया 80s का अंदाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं, लेकिन 80 के दशक वाले इस लुक की तस्वीर उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच से साझा नहीं की है। हिमाचल प्रदेश भाजपा की ओर से AI की मदद से प्रधानमंत्री की अलग-अलग अंदाज वाली तस्वीरें तैयार की गई हैं। इन तस्वीरों और वीडियो में उन्हें पुराने दौर के लुक में दिखाया गया है।

हिमाचल भाजपा ने वीडियो के साथ लिखा, ‘जब उनका आभा-मंडल पहले से ही बेमिसाल था।’ भाजपा की ओर से साझा की गई इन AI तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर चल रहे रेट्रो ट्रेंड को राजनीतिक गलियारों तक पहुंचा दिया है।

सिर्फ PM मोदी ही नहीं, कई बड़े नेता भी बन चुके हैं 80s ट्रेंड का हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले भारतीय राजनीति से जुड़े कई नेताओं ने भी AI के जरिए 1980 के दशक वाला अपना अंदाज सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस ट्रेंड में भाजपा और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, चिराग पासवान और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर जैसे नाम इस AI ट्रेंड से जुड़ चुके हैं। AI से तैयार इन तस्वीरों में नेताओं को उस दौर के कपड़े, हेयरस्टाइल, चश्मे और पृष्ठभूमि के साथ दिखाया गया है।

पीयूष गोयल ने तस्वीर के साथ लिखा- 80s ट्रेंड का मजा ले रहा हूं

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस ट्रेंड में शामिल होने वाले शुरुआती नेताओं में से एक बताए गए हैं। उन्होंने AI से तैयार अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। तस्वीर में गोयल ग्रे सूट, सफेद शर्ट और एविएटर सनग्लासेस पहने हुए दिखाई देते हैं।

गोयल ने तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “80 के दशक के ट्रेंड का मजा ले रहा हूं।” उनकी यह तस्वीर भी AI के जरिए तैयार किए जा रहे रेट्रो लुक की लोकप्रियता को दिखाती है।

किरेन रिजिजू का भी बदला अंदाज, कार के पास दिखे रेट्रो स्टाइल में

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी AI आधारित 80s ट्रेंड पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। AI से तैयार उनकी तस्वीर में वह धूप का चश्मा, ब्लेजर और खुली शर्ट पहने हुए नजर आते हैं। तस्वीर में वह एक कार के पास पोज देते दिखाई दे रहे हैं।

इस तरह सोशल मीडिया का यह ट्रेंड केवल आम उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े चर्चित चेहरे भी इसमें अपनी तस्वीरों के साथ शामिल हो रहे हैं।

आखिर कैसे तैयार हो रही हैं 1980 के दशक वाली AI तस्वीरें?

इस पूरे ट्रेंड के पीछे AI इमेज जनरेशन तकनीक काम कर रही है। इसके लिए उपयोगकर्ता अपनी मौजूदा तस्वीर को किसी AI इमेज जनरेटर में अपलोड करते हैं और एक विशेष निर्देश यानी प्रॉम्प्ट के जरिए तस्वीर को 1980 के दशक के माहौल में बदलने के लिए कहते हैं।

AI टूल को यह निर्देश दिया जा सकता है कि व्यक्ति के चेहरे की मूल बनावट को बरकरार रखा जाए, लेकिन कपड़े, बालों की शैली, पोज, रोशनी और पृष्ठभूमि को उस दौर के अनुरूप बदल दिया जाए। इसी प्रक्रिया के जरिए मौजूदा तस्वीर को पुराने समय की तस्वीर जैसा रूप दिया जा रहा है।

80s लुक में कपड़ों से लेकर हेयरस्टाइल तक सब कुछ बदल जाता है

1980 के दशक के भारतीय अंदाज को दिखाने के लिए AI तस्वीरों में उस समय की लोकप्रिय पोशाक और स्टाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है। महिलाओं के लिए रंग-बिरंगी साड़ियां और खास तरह की ज्वेलरी, जबकि पुरुषों के लिए चौड़े कॉलर वाली शर्ट, हाई-वेस्ट ट्राउजर, मूंछ और रेट्रो सनग्लासेस जैसे तत्व इस्तेमाल किए जाते हैं।

इसके अलावा बड़े हेयरस्टाइल, स्टूडियो जैसा बैकग्राउंड और गर्म रोशनी तस्वीर को पुराने दौर का प्रभाव देने में मदद करते हैं। AI इन सभी तत्वों को एक साथ मिलाकर आधुनिक तस्वीर को 1980 के दशक के दृश्य जैसा रूप दे सकता है।

सोशल मीडिया पर क्यों तेजी से लोकप्रिय हो रहा है यह AI ट्रेंड?

AI के जरिए किसी व्यक्ति की मौजूदा तस्वीर को अलग-अलग समय और शैली में बदलना आसान होने के कारण ऐसे ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। 80s ट्रेंड में उपयोगकर्ताओं को अपने वर्तमान रूप को पुराने दौर की शैली में देखने का अवसर मिलता है। यही वजह है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर इस तरह की तस्वीरें और वीडियो बड़ी संख्या में साझा किए जा रहे हैं।

राजनीतिक नेताओं के इस ट्रेंड में शामिल होने के बाद इसकी चर्चा और बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की AI से तैयार 80s अंदाज वाली तस्वीरें भी इसी वजह से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

PM मोदी की तस्वीर को लेकर सबसे अहम बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 80s लुक वाली तस्वीरों को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रधानमंत्री ने खुद ऐसी तस्वीर साझा नहीं की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश भाजपा ने AI की मदद से अलग-अलग अंदाज वाली तस्वीरें तैयार कर उन्हें वीडियो के रूप में साझा किया है।

इसलिए सोशल मीडिया पर दिखाई दे रही इन तस्वीरों को वास्तविक 1980 के दशक की तस्वीर समझने के बजाय AI से तैयार सामग्री के रूप में देखना चाहिए। AI तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति की तस्वीर के चेहरे को रखते हुए उसके कपड़े, पृष्ठभूमि और समग्र रूप को पूरी तरह बदला जा सकता है।

AI ने पुराने दौर की याद को सोशल मीडिया के नए ट्रेंड से जोड़ दिया

1980 के दशक की शैली को आधुनिक AI तकनीक के जरिए दोबारा तैयार करने का यह चलन सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, चिराग पासवान और शशि थरूर जैसे नेताओं के इस ट्रेंड से जुड़ने के बाद राजनीतिक हस्तियों के AI रेट्रो लुक भी चर्चा का हिस्सा बन गए हैं।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सामने आया 80s अंदाज वास्तविक पुरानी तस्वीर नहीं, बल्कि AI तकनीक से तैयार किया गया लुक है, जिसे हिमाचल प्रदेश भाजपा ने वीडियो के माध्यम से साझा किया है। सोशल मीडिया का यह ट्रेंड दिखाता है कि AI अब केवल तस्वीरों को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति की तस्वीर को एक अलग दौर और शैली में प्रस्तुत करने के लिए भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।