ere | Source: reनई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका और भारत की विकास क्षमता को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी रहती है और पिछले वर्षों में समूह की संयुक्त अर्थव्यवस्था ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में तेज गति से विस्तार किया है। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत को विकास और आर्थिक प्रगति का भरोसा देने वाला देश बताया।

वैश्विक जीडीपी से तेज बढ़ी ब्रिक्स की संयुक्त अर्थव्यवस्था

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद करीब ढाई गुना बढ़ा है, जबकि ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी साढ़े चार गुना हुई है। उनके अनुसार, यह आंकड़ा ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। देश में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और नए उद्योगों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

एयरपोर्ट और रेलवे से लेकर सेमीकंडक्टर तक पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में हवाई अड्डों और रेलवे जैसे बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर और जैव प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में नई क्षमता का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने भारत में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप क्षेत्र का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप और 120 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। उन्होंने इसे भारत में चल रहे स्टार्टअप बदलाव और नवाचार की बढ़ती क्षमता के रूप में प्रस्तुत किया।

ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बाधाएं हटाने का प्रस्ताव

ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारोबारी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने BRICS Business Council के सामने सदस्य देशों के बीच मौजूद शीर्ष दस व्यापार बाधाओं को हटाने के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने का प्रस्ताव रखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक अड़चनें कम होती हैं तो कारोबार और निवेश के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। उन्होंने इस दिशा में ठोस पहल और नियमित प्रगति समीक्षा की जरूरत बताई।

हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को नए बाजार में पहुंचाने का लक्ष्य

पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच स्टार्टअप सहयोग बढ़ाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने पूछा कि क्या हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे ब्रिक्स बाजारों में आगे बढ़ने में मदद की जा सकती है।

इसके साथ ही उन्होंने ब्रिक्स देशों के कारोबारों के बीच हर साल एक हजार नई साझेदारियां बनाने का लक्ष्य रखने की बात कही। प्रधानमंत्री ने इन तीनों क्षेत्रों में हर वर्ष प्रगति की समीक्षा करने का सुझाव दिया, ताकि ब्रिक्स की आर्थिक क्षमता को ठोस परिणामों में बदला जा सके।

मोदी बोले- सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधान में बदलना होगा

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स के भविष्य को लेकर कहा कि समूह को अपनी महत्वाकांक्षाओं को कार्रवाई में बदलना होगा। उन्होंने सदस्य देशों की सामूहिक आर्थिक और कारोबारी ताकत का इस्तेमाल वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए करने पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा, “आइए BRICS के एम्बिशन को एक्शन में और अपनी कलेक्टिव स्ट्रेंथ को ग्लोबल सॉल्यूशन में बदलें। BRICS को आगे बढ़ने दें और दुनिया को भी आगे बढ़ाएं।”

प्रधानमंत्री के इस संदेश में ब्रिक्स के भीतर आर्थिक सहयोग को केवल चर्चाओं तक सीमित रखने के बजाय व्यापार, स्टार्टअप और कारोबारी साझेदारी के स्तर पर व्यावहारिक परिणाम हासिल करने पर जोर दिखाई दिया।

समुद्री रास्तों की सुरक्षा को बताया वैश्विक व्यापार की शर्त

पीएम मोदी ने वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार में प्रगति तभी संभव है जब समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का पक्का समर्थक है। उनके अनुसार, सुरक्षित समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

महिला उद्यमियों की भूमिका पर भी प्रधानमंत्री का जोर

ब्रिक्स के आर्थिक सहयोग में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी पीएम मोदी ने अपनी बात रखी। उन्होंने BRICS Women’s Business Alliance को भारत के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों को ब्रिक्स की विकास यात्रा में नेतृत्वकारी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि भारत में आयोजित इस गठबंधन की बैठक में करीब 200 महिला कारोबारी नेताओं ने हिस्सा लिया।

भारत-पुतिन वार्ता के बाद आया अहम संदेश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच लंबी बातचीत भी हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने अपने-अपने बयान जारी किए। इसी दौरान पीएम मोदी ने ब्रिक्स की आर्थिक क्षमता, भारत की विकास यात्रा और समूह के भीतर कारोबारी सहयोग बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें रखीं।

प्रधानमंत्री के संबोधन में भारत की आर्थिक प्रगति के साथ ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, स्टार्टअप, महिला उद्यमिता और वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिखाई दिया।

ब्रिक्स के लिए मोदी ने सामने रखी कार्रवाई की दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का मुख्य संदेश यह रहा कि ब्रिक्स की बढ़ती आर्थिक शक्ति को ठोस कारोबारी गतिविधियों में बदलने की जरूरत है। व्यापार बाधाओं को कम करना, स्टार्टअप्स को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों तक पहुंचाना और नई कारोबारी साझेदारियां बनाना इसके प्रमुख प्रस्तावों में शामिल रहे।

इसके साथ ही भारत ने सुरक्षित समुद्री मार्गों, खुली आपूर्ति व्यवस्था और नाविकों की सुरक्षा को वैश्विक व्यापार के लिए आवश्यक बताया। महिला कारोबारी नेताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।