erer | Source: ererनई दिल्ली। कनाडा में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए कोर्स का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। कनाडा में पढ़ाई के बाद नौकरी और आगे स्थायी निवास यानी परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करने की योजना बना रहे छात्रों को अपने अध्ययन कार्यक्रम का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां कनाडा में कर्मचारियों की कमी रहने की संभावना जताई गई है और इन क्षेत्रों से जुड़े पेशे एक्सप्रेस एंट्री के कैटेगरी-बेस्ड सेलेक्शन (CBS) में प्राथमिकता पा सकते हैं।

सिर्फ कनाडा जाकर पढ़ना काफी नहीं, कोर्स का चुनाव भी अहम

कनाडा में पढ़ाई करने वाले कई भारतीय छात्रों की योजना डिग्री या डिप्लोमा पूरा करने के बाद वहीं नौकरी करने और आगे PR हासिल करने की होती है। हालांकि, किसी छात्र को केवल किसी खास कोर्स में दाखिला लेने से स्वतः PR नहीं मिलती। PR की पात्रता कई शर्तों और चयन प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसा अध्ययन कार्यक्रम अधिक उपयोगी हो सकता है जो पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के लिए योग्य हो, आगे ऐसे पेशे में काम करने का रास्ता खोलता हो जिसे प्राथमिकता दी गई हो और उस क्षेत्र में भविष्य में श्रमिकों की कमी की संभावना हो।

PR की राह में इन तीन शर्तों पर देना होगा ध्यान

कनाडा सरकार के अनुसार, किसी अध्ययन कार्यक्रम को चुनते समय छात्रों को मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। पहला, संबंधित कोर्स PGWP के लिए योग्य होना चाहिए। दूसरा, कोर्स ऐसा पेशा चुनने में मदद करे जो एक्सप्रेस एंट्री के कैटेगरी-बेस्ड सेलेक्शन में शामिल हो। तीसरा, संबंधित पेशे में भविष्य में कर्मचारियों की कमी की संभावना हो।

कनाडियन ऑक्यूपेशनल प्रोजेक्शन सिस्टम (COPS) के अनुसार, 2033 तक कुछ व्यवसायों में कर्मचारियों की कमी रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे क्षेत्रों में पढ़ाई और संबंधित अनुभव छात्रों के लिए आगे रोजगार के अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

हेल्थकेयर सेक्टर में सबसे ज्यादा अवसरों पर नजर

कनाडा में हेल्थकेयर और सोशल सर्विसेज से जुड़े क्षेत्रों में कर्मचारियों की जरूरत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी वजह से इस क्षेत्र से संबंधित कई पेशे एक्सप्रेस एंट्री की कैटेगरी-बेस्ड चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता वाले व्यवसायों में शामिल हैं।

नर्सिंग के क्षेत्र में रजिस्टर्ड नर्स, रजिस्टर्ड साइकियाट्रिक नर्स, लाइसेंस्ड प्रैक्टिकल नर्स, नर्स प्रैक्टिशनर और नर्सिंग सुपरवाइजर जैसे पेशे शामिल हैं। इसके अलावा डॉक्टर और विशेषज्ञों से जुड़े कई पेशे भी इस क्षेत्र का हिस्सा हैं।

इनमें जनरल फिजिशियन, फैमिली डॉक्टर, सर्जन, क्लिनिकल और लैब मेडिसिन विशेषज्ञ, डेंटिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट तथा वेटरनरी डॉक्टर जैसे पेशे शामिल हैं।

लैब से लेकर पैरामेडिक तक कई पेशे शामिल

हेल्थकेयर सेक्टर केवल डॉक्टर और नर्स तक सीमित नहीं है। फिजिशियन असिस्टेंट, मिडवाइफ, डाइटीशियन या न्यूट्रिशनिस्ट और साइकोलॉजिस्ट जैसे एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स से जुड़े पेशे भी महत्वपूर्ण हैं।

इसके अलावा मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट, मेडिकल रेडिएशन टेक्नोलॉजिस्ट, कार्डियोवैस्कुलर या कार्डियोलॉजी टेक्नोलॉजिस्ट, रेस्पिरेटरी थेरेपिस्ट, डेंटल हाइजीनिस्ट और पैरामेडिक जैसे तकनीकी एवं डायग्नोस्टिक पेशे भी शामिल हैं।

सहायक स्वास्थ्य सेवाओं में नर्स एड, ऑर्डरली, पेशेंट सर्विस असिस्टेंट और मेडिकल लैब असिस्टेंट जैसे काम भी आते हैं। सोशल सर्विसेज के क्षेत्र में सोशल वर्कर, कम्युनिटी सर्विस वर्कर और काउंसलर जैसे पेशे शामिल हैं।

MBBS, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी जैसे क्षेत्रों पर छात्रों की नजर

जो छात्र MBBS, नर्सिंग, फार्मेसी, फिजियोथेरेपी, लैब टेक्नोलॉजी या डेंटल साइंस जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए हेल्थकेयर क्षेत्र रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। हेल्थकेयर और सोशल सर्विसेज में कर्मचारियों की मांग को देखते हुए इस क्षेत्र से संबंधित शिक्षा रोजगार की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है।

हालांकि, किसी भी कोर्स में दाखिला लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित संस्थान और कार्यक्रम मौजूदा PGWP नियमों के तहत योग्य हैं या नहीं। PR का अंतिम निर्णय केवल कोर्स के आधार पर नहीं होता।

ट्रेड सेक्टर में भी रोजगार के अवसर

हेल्थकेयर के अलावा कनाडा में स्किल्ड ट्रेड्स यानी तकनीकी और कुशल हाथों से किए जाने वाले कामों से जुड़े पेशों में भी कर्मचारियों की जरूरत बनी हुई है। इस क्षेत्र में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं और संबंधित पेशे PR की प्राथमिकता वाली श्रेणियों में भी आ सकते हैं।

कारपेंटर, हीटिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन यानी HVAC मैकेनिक या टेक्निशियन तथा हैवी-ड्यूटी इक्विपमेंट मैकेनिक जैसे पेशे इस श्रेणी में शामिल हैं।

इन क्षेत्रों से जुड़े कई कार्यक्रम डिप्लोमा या सर्टिफिकेट के रूप में उपलब्ध होते हैं। इनकी अवधि कई डिग्री कार्यक्रमों की तुलना में कम हो सकती है, जिससे पढ़ाई पूरी करने के बाद संबंधित क्षेत्र में काम शुरू करने का रास्ता बन सकता है।

एजुकेशन सेक्टर भी बन सकता है महत्वपूर्ण विकल्प

कनाडा में एजुकेशन से जुड़ा क्षेत्र भी रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर छोटे बच्चों की देखभाल और शुरुआती शिक्षा से संबंधित पेशों में जरूरत बढ़ने की बात सामने आई है।

अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड टीचिंग तथा स्पेशल एजुकेशन जैसे अध्ययन कार्यक्रम इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए विकल्प हो सकते हैं। स्पेशल एजुकेशन में विशेष जरूरत वाले बच्चों की शिक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है।

कनाडा में पढ़ाई से PR तक कैसे पहुंचती है प्रक्रिया?

कनाडा में पढ़ाई के बाद PR हासिल करने की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है। सबसे पहले छात्र को ऐसा कोर्स और संस्थान चुनना होता है जो संबंधित PGWP नियमों की पात्रता पूरी करता हो। इसके बाद डिग्री या डिप्लोमा पूरा करना होता है।

पढ़ाई पूरी करने के बाद पात्र छात्र PGWP के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह एक ओपन वर्क परमिट होता है, जिसके तहत पात्र व्यक्ति काम कर सकता है। इसके बाद अपने अध्ययन और पेशे से संबंधित क्षेत्र में कार्य अनुभव हासिल करना प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

एक्सप्रेस एंट्री में CRS स्कोर की भूमिका

काम का अनुभव हासिल करने के बाद छात्र अपनी शिक्षा, कार्य अनुभव और भाषा परीक्षा जैसे IELTS की जानकारी के आधार पर एक्सप्रेस एंट्री प्रोफाइल बना सकता है। एक्सप्रेस एंट्री प्रणाली में उम्मीदवार को व्यापक रैंकिंग प्रणाली यानी CRS के तहत अंक मिलते हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कैटेगरी-बेस्ड सेलेक्शन के लिए संबंधित पेशे में कम से कम 6 महीने का पूर्णकालिक अनुभव जरूरी हो सकता है। इसके अलावा उम्मीदवार का अनुभव और अन्य योग्यताएं उसके CRS स्कोर को प्रभावित कर सकती हैं।

यदि उम्मीदवार का पेशा प्राथमिकता वाली श्रेणी, जैसे हेल्थकेयर, में आता है तो उसे कैटेगरी-बेस्ड ड्रॉ के माध्यम से आम चयन प्रक्रिया की तुलना में अलग अवसर मिल सकता है। वहीं सामान्य ड्रॉ में उच्च CRS स्कोर वाले उम्मीदवारों को आमंत्रण मिलने की संभावना रहती है।

ITA मिलने के बाद पूरी करनी होती है PR प्रक्रिया

एक्सप्रेस एंट्री के माध्यम से यदि उम्मीदवार को आवेदन करने का आमंत्रण यानी ITA मिलता है, तो इसके बाद उसे निर्धारित समय के भीतर PR आवेदन जमा करना होता है। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज, मेडिकल जांच और पुलिस क्लीयरेंस जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं।

इसके बाद कनाडा सरकार आवेदन की जांच करती है। पात्रता और अन्य आवश्यक शर्तें पूरी होने पर उम्मीदवार को परमानेंट रेजिडेंसी प्रदान की जा सकती है।

छात्रों के लिए सबसे जरूरी बात

कनाडा में पढ़ाई के लिए केवल ऐसे कोर्स को चुनना पर्याप्त नहीं है जिसके बारे में यह दावा किया जाए कि उससे PR निश्चित रूप से मिल जाएगी। PR कोई स्वचालित लाभ नहीं है। उम्मीदवार को PGWP, संबंधित पेशे, कार्य अनुभव, भाषा क्षमता, एक्सप्रेस एंट्री और अन्य लागू पात्रता शर्तों को पूरा करना पड़ता है।

इसलिए कनाडा जाने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए कोर्स चुनने से पहले यह जांचना जरूरी है कि संबंधित अध्ययन कार्यक्रम PGWP के लिए योग्य है या नहीं और उससे जुड़े पेशे की मौजूदा आव्रजन श्रेणियों में क्या स्थिति है।