नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने CUET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार दिल्ली की देविना गहलोत ने 1232.19 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया है। ऐसे में कई छात्रों और अभिभावकों के मन में सवाल है कि CUET में टॉप रैंक या शानदार स्कोर हासिल करने वालों को आखिर क्या फायदे मिलते हैं। आइए जानते हैं कि बेहतर CUET स्कोर छात्रों के लिए किस तरह नए अवसरों के दरवाजे खोलता है।
CUET UG 2026 के नतीजे घोषित होने के साथ ही देशभर के लाखों छात्रों की नजरें अब कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया पर टिकी हैं। इस वर्ष दिल्ली की देविना गहलोत ने 1232.19 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सक्षम गोयल और उदित चतुर्वेदी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
हालांकि CUET में टॉप करने वाले छात्रों को सीधे तौर पर कोई नकद पुरस्कार नहीं मिलता, लेकिन उन्हें देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने का बड़ा फायदा मिलता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), जामिया मिल्लिया इस्लामिया समेत कई शीर्ष संस्थान CUET स्कोर के आधार पर छात्रों का चयन करते हैं। ऐसे में उच्च स्कोर हासिल करने वाले छात्रों की पसंदीदा कोर्स और कॉलेज में सीट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
विश्वविद्यालय CUET स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार करते हैं। बेहतर स्कोर वाले छात्रों को उच्च रैंक मिलती है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में उन्हें प्राथमिकता मिलती है।
इसके अलावा कई निजी विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेरिट आधारित छात्रवृत्ति भी प्रदान करते हैं। कुछ संस्थानों में ट्यूशन फीस पर 25 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिलने से छात्रों को बेहतर फैकल्टी, रिसर्च सुविधाएं, इंटर्नशिप अवसर और प्लेसमेंट सपोर्ट मिलता है, जो उनके करियर को मजबूत आधार प्रदान करता है।
उच्च CUET स्कोर का एक और बड़ा लाभ यह है कि छात्रों के पास विभिन्न विश्वविद्यालयों और कोर्सों में चयन के कई विकल्प उपलब्ध रहते हैं। इससे वे अपनी रुचि, करियर लक्ष्य और स्थान के अनुसार बेहतर निर्णय ले सकते हैं।
