उत्तर प्रदेश में 2027 चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। | Source: Chrome

उत्तर प्रदेश में 2027 चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।Source : Chrome

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर संगठन, सरकार और जनता के बीच अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। वहीं विपक्ष के प्रमुख नेताओं की तुलना में उनकी जमीनी सक्रियता को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

दो महीनों में 18 मंडलों तक पहुंचे सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले करीब दो महीनों में उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उनकी सीधी पहुंच लगभग 219 विधानसभा क्षेत्रों तक रही। पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और अवध समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उन्होंने जनसभाओं, विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और समीक्षा बैठकों में हिस्सा लिया।

41 जिलों में लगातार दौरे

हाल के दिनों में मुख्यमंत्री ने बिजनौर, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, बहराइच, लखनऊ, मैनपुरी, आजमगढ़ और कई अन्य जिलों का दौरा किया। इन कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने विकास योजनाओं की समीक्षा की, नई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

सरकारी कामकाज और संगठन दोनों पर फोकस

मुख्यमंत्री केवल चुनावी सभाओं तक सीमित नहीं हैं। वे कानून-व्यवस्था की समीक्षा, विकास कार्यों की प्रगति, पार्टी कार्यक्रमों में भागीदारी और जनता दर्शन जैसे कार्यक्रमों के जरिए भी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा की जा रही है।

विपक्ष की गतिविधियों पर भी चर्चा

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी समय-समय पर जनसभाएं और राजनीतिक कार्यक्रम किए हैं, लेकिन बड़े स्तर पर लगातार प्रदेशव्यापी दौरे अपेक्षाकृत कम देखने को मिले। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया और पार्टी कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।वहीं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की भी हाल के महीनों में सीमित सार्वजनिक सभाएं हुई हैं। पार्टी की ओर से अधिकतर राजनीतिक संदेश सोशल मीडिया और संगठनात्मक गतिविधियों के जरिए दिए जा रहे हैं।

2027 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दल अपनी रणनीति को और तेज कर रहे हैं। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, वहीं विपक्ष भी अपनी चुनावी तैयारियों को मजबूत करने में जुटा है। आने वाले महीनों में प्रदेश की सियासत और अधिक गर्म होने की संभावना है।