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पटना। बिहार की शिक्षा व्यवस्था और वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने मंगलवार को सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार पर वित्तरहित शिक्षकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से शिक्षक अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है।
राजेश राम ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। ग्रामीण और सुदूर इलाकों में पर्याप्त कॉलेज नहीं होने के कारण गरीब, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के कई छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसका असर विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर पड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा वित्तरहित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समायोजन और बहाली की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था।
राजेश राम ने कहा कि आज भी हजारों वित्तरहित शिक्षक सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा का काम कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी समस्याओं और मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने सरकार से वित्तरहित शिक्षकों का कथित शोषण बंद करने, उनकी जायज मांगों पर विचार करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
5 सितंबर को गांधी मैदान से निकलेगी ‘कफन यात्रा’
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वित्तरहित शिक्षा नीति समाप्त करने और वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर कांग्रेस सेवादल ने 30 जून को अरवल से राजव्यापी आंदोलन की शुरुआत की थी। इसके तहत विभिन्न जिलों में एकदिवसीय धरना दिया गया।
अब आंदोलन का अगला बड़ा चरण 5 सितंबर को पटना के गांधी मैदान से पदयात्रा के रूप में निकाला जाएगा। सेवादल ने इसे ‘कफन यात्रा’ नाम दिया है। पदयात्रा गांधी मैदान से शुरू होकर शहीद स्थल सप्तमूर्ति विधानसभा तक जाएगी और वहीं समाप्त होगी।
डॉ. संजय यादव ने कहा कि यदि 5 सितंबर तक बिहार सरकार उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेती है, तो कांग्रेस सेवादल की ओर से 6 सितंबर से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन वित्तरहित शिक्षकों के हितों को लेकर जारी रहेगा।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से वित्तरहित शिक्षकों की मांगों पर तत्काल पहल करने और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
प्रेस वार्ता में बिहार सेवादल के प्रभारी अफरोज खान, पटना जोनल अध्यक्ष अहमद राजा खान, कोषाध्यक्ष आशुतोष रंजन, महिला अध्यक्ष रुचि सिंह, विपिन झा सहित बिहार प्रदेश इंटरमीडिएट वित्त रहित संघर्ष मोर्चा की अध्यक्ष सुमित्रा यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. डॉ. रामनरेश प्रसाद, बिहार राज्य संबद्ध शिक्षक संगठन के अध्यक्ष एवं बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष रण विजय कुमार सिंह, रामसुंदर दास महिला कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय सिंह और जलान कॉलेज के प्रो. मोहम्मद असलम मौजूद रहे।
