पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के सामान्य तबादले का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया है। शिक्षा विभाग ने फिलहाल शिक्षक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया स्थगित कर दी है। विधान परिषद यानी MLC चुनाव के कारण लागू आदर्श आचार संहिता के बीच निर्वाचन आयोग ने शिक्षकों के सामान्य तबादले की प्रक्रिया को अनुमति नहीं दी। इसके बाद विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ट्रांसफर के लिए नई समयसीमा जारी की जाएगी।
5 लाख से ज्यादा शिक्षकों की उम्मीदों पर फिर लगा ब्रेक
बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 5 लाख से अधिक शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। कई शिक्षक सामान्य तबादले के लिए आवेदन शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार अक्टूबर में आवेदन प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन चुनावी आचार संहिता के कारण फिलहाल इस पर रोक लग गई है।
शिक्षा विभाग ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
शिक्षकों के स्थानांतरण को स्थगित करने का फैसला गुरुवार को औपचारिक रूप से सामने आया। शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की। इसमें बिहार के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़ी गतिविधियों को फिलहाल स्थगित किए जाने की जानकारी दी गई है।
अधिसूचना के अनुसार, विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही शिक्षकों के सामान्य तबादले के लिए नई समयसीमा जारी की जाएगी। यानी फिलहाल शिक्षकों को आवेदन करने के लिए नई आधिकारिक तारीख का इंतजार करना होगा।
तबादले के दो चरण पूरे, अब तीसरे चरण पर लगी रोक
बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को एक साथ पूरा करने के बजाय अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में स्कूलों में जरूरत से अधिक संख्या में तैनात सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में आपसी सहमति यानी म्युचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी की गई।
इन दोनों प्रक्रियाओं के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में उपलब्ध रिक्त पदों की संशोधित सूची भी जारी की। इसी सूची के आधार पर तीसरे चरण में शिक्षकों के सामान्य तबादले की प्रक्रिया पूरी की जानी है। लेकिन तीसरे चरण के शुरू होने से पहले ही चुनाव के कारण इस पर ब्रेक लग गया।
4 अक्टूबर से खुलना था ई-शिक्षा कोष पोर्टल
शिक्षा विभाग ने सामान्य तबादले के आवेदन के लिए 4 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी। योजना के अनुसार इस तारीख से ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षक सामान्य तबादले के लिए आवेदन कर सकते थे। इससे पहले शिक्षक आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।
हालांकि, निर्धारित तारीख आने से पहले ही विभाग ने प्रक्रिया को रोक दिया। बिहार में विधान परिषद चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने से तबादले की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग की अनुमति जरूरी थी।
शिक्षा विभाग ने आयोग से मांगी थी अनुमति
चुनावी आचार संहिता के बीच शिक्षकों के सामान्य तबादले की प्रक्रिया शुरू करने के लिए शिक्षा विभाग ने निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा था। विभाग ने चुनाव के दौरान स्थानांतरण प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। लेकिन आयोग की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई।
निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद विभाग ने भी रोकी प्रक्रिया
गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर तबादला प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित रखने को कहा। आयोग के निर्देश के अनुसार, विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।
आयोग का पत्र मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने भी गुरुवार शाम शिक्षकों के तबादले को स्थगित करने की अधिसूचना जारी कर दी। इस फैसले के साथ ही सामान्य तबादले के लिए पोर्टल खुलने की उम्मीद कर रहे शिक्षकों को फिर इंतजार करना पड़ेगा।
पहले बाढ़ ने रोका, अब चुनाव ने बढ़ाया इंतजार
बिहार में शिक्षक तबादले की प्रक्रिया के लिए यह पहला झटका नहीं है। इससे पहले राज्य में बाढ़ की स्थिति के कारण भी सामान्य तबादले का कार्यक्रम टालना पड़ा था। मानसून के दौरान बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी थी, जिसके चलते सितंबर में प्रस्तावित आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया था।
पहले सामान्य तबादले के लिए 17 सितंबर से पोर्टल खोलने की तैयारी थी। बाढ़ के कारण इसे स्थगित करके अक्टूबर में नई तारीख निर्धारित की गई। इसके बाद 4 अक्टूबर से आवेदन शुरू करने की तैयारी हुई, लेकिन अब MLC चुनाव के कारण यह प्रक्रिया फिर रुक गई है।
शिक्षकों को अब नई तारीख का इंतजार
फिलहाल शिक्षकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि सामान्य तबादले के आवेदन की नई तारीख अभी जारी नहीं की गई है। शिक्षा विभाग चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई समयसीमा घोषित करेगा। इसके बाद ही ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर सामान्य तबादले के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
चुनाव खत्म होने के बाद ही साफ होगी अगली समयसीमा
शिक्षकों के तबादले को लेकर अब अगला कदम विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उठाया जाएगा। विभाग की अधिसूचना के मुताबिक नई समयसीमा बाद में जारी होगी। ऐसे में तबादले की तैयारी कर रहे शिक्षकों को फिलहाल विभाग की अगली आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
निष्कर्ष
बिहार में सरकारी शिक्षकों के सामान्य तबादले की प्रक्रिया एक बार फिर स्थगित हो गई है। पहले बाढ़ और अब विधान परिषद चुनाव के कारण तबादले की समयसीमा प्रभावित हुई है। 4 अक्टूबर से खुलने वाला ई-शिक्षा कोष पोर्टल फिलहाल सामान्य तबादले के आवेदन के लिए नहीं खुलेगा। निर्वाचन आयोग की अनुमति नहीं मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया रोक दी है और अब MLC चुनाव समाप्त होने के बाद ही शिक्षकों के सामान्य तबादले की नई तारीख घोषित की जाएगी।
