ज़की अख़्तर:
भीषण गर्मी पड़ते ही ज्यादातर लोग धूप से बचने की कोशिश करने लगते हैं। घर से बाहर निकलना कम हो जाता है, ऑफिस में एसी, घर में कूलर और सफर के दौरान बंद गाड़ियों का सहारा लिया जाता है। गर्म हवाओं और लू से बचना जरूरी भी है, लेकिन जब यह सावधानी धूप से पूरी दूरी में बदल जाती है, तब शरीर पर इसके गंभीर असर दिखाई देने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में बड़ी संख्या में लोग विटामिन D की कमी से जूझ रहे हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह बदलती जीवनशैली और धूप से दूरी है। कई लोग यह नहीं जानते कि सूरज की रोशनी केवल गर्मी ही नहीं देती, बल्कि शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाती है।
धूप और विटामिन D का सीधा संबंध | Source- NEWS 18 HINDI
धूप क्यों है शरीर के लिए जरूरी?
रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, शरीर में विटामिन D का निर्माण मुख्य रूप से तब होता है जब त्वचा पर सूर्य की किरणें पड़ती हैं। विटामिन D शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण को बेहतर बनाता है, जो मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए बेहद जरूरी हैं। पहले लोग सुबह की सैर, खेतों में काम या खुले वातावरण में समय बिताते थे, जिससे शरीर को पर्याप्त धूप मिल जाती थी। लेकिन आज की जीवनशैली में लोग सुबह उठते ही मोबाइल, लैपटॉप या ऑफिस की भागदौड़ में लग जाते हैं। इसका नतीजा यह है कि शरीर को प्राकृतिक रूप से मिलने वाला विटामिन D लगातार कम होता जा रहा है।
कमी के संकेत जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं लोग
विटामिन D की कमी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बनाती है। शुरुआत में थकान, शरीर में दर्द, जोड़ों में अकड़न और मांसपेशियों की कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई लोग इसे सामान्य कमजोरी या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक कमी बनी रहने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों, महिलाओं और लंबे समय तक घर या ऑफिस के अंदर रहने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। बच्चों में भी विटामिन D की कमी हड्डियों के विकास को प्रभावित कर सकती है।
कितनी धूप पर्याप्त मानी जाती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि धूप का फायदा लेने के लिए घंटों बाहर रहने की जरूरत नहीं होती। सुबह या शाम की हल्की धूप में रोजाना 15 से 20 मिनट बिताना अधिकांश लोगों के लिए पर्याप्त माना जाता है। इस दौरान चेहरे, हाथों और पैरों पर धूप पड़ने से शरीर विटामिन D बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। हालांकि दोपहर की तेज धूप में लंबे समय तक रहने से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति को लगातार कमजोरी, हड्डियों में दर्द या थकान महसूस हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन D की जांच करानी चाहिए।
धूप के साथ खानपान भी जरूरी
सिर्फ धूप ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी विटामिन D की कमी को दूर करने में मदद करता है। अंडे की जर्दी, मशरूम, फैटी फिश, दूध और अन्य डेयरी उत्पाद इसके अच्छे स्रोत माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए धूप, संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि तीनों जरूरी हैं। गर्मी से बचाव करना समझदारी है, लेकिन धूप से पूरी तरह दूरी बनाना शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए दिन का कुछ समय सुरक्षित तरीके से धूप में बिताना लंबे समय तक स्वस्थ रहने का आसान और प्राकृतिक तरीका माना जाता है।
