TFIFA World Cup 2026 के मुकाबलों के दौरान अमेरिका के डलास-फोर्ट वर्थ क्षेत्र में पहुंचे हजारों फुटबॉल प्रशंसकों को एक अलग तरह की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। परेशानी सिर्फ तेज धूप या हवा के तापमान की नहीं, बल्कि सड़कों और फुटपाथों से निकलने वाली भीषण गर्मी की है। मौसम का तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, लेकिन कंक्रीट और डामर की सतह 50 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो रही है। ऐसे में स्टेडियम तक पैदल पहुंचने वाले फैंस को अत्यधिक गर्मी और थकावट का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हवा के तापमान से ज्यादा खतरनाक जमीन की सतह का तापमान होता है। यही वजह है कि कई प्रशंसकों ने स्टेडियम पहुंचने से पहले ही गर्मी के कारण असहज महसूस करने की बात कही। सोशल मीडिया पर भी कई फैंस ने गर्मी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।


हवा से ज्यादा तप रही हैं सड़कें

मौसम ऐप्स जहां करीब 32°C तापमान दिखा रहे हैं, वहीं सड़कों, फुटपाथों और पार्किंग क्षेत्रों की सतह लगभग 50°C तक पहुंच रही है। दूर पार्किंग, रेलवे स्टेशन और खुले इलाकों से पैदल आने वाले दर्शकों को इस अतिरिक्त गर्मी का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ रहा है।


कंक्रीट और डामर बढ़ा रहे हैं गर्मी

नेशनल वेदर सर्विस की मौसम वैज्ञानिक जेनिफर डन के अनुसार, कंक्रीट और विशेष रूप से काले डामर वाली सड़कें दिनभर गर्मी को सोखती हैं और बाद में उसे वापस छोड़ती हैं। इससे जमीन का तापमान हवा के तापमान की तुलना में काफी अधिक महसूस होता है।


अध्ययन में सामने आई अहम जानकारी

CAPA Strategies की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डलास के अलग-अलग इलाकों में पर्यावरणीय परिस्थितियों के कारण तापमान में लगभग 5.6 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर हो सकता है। बड़े पार्किंग क्षेत्र और व्यावसायिक इलाकों में गर्मी अधिक रहती है, जबकि पेड़ों और हरियाली वाले स्थान अपेक्षाकृत ठंडे महसूस होते हैं।


फैंस ने बताई अपनी परेशानी

अर्जेंटीना से आए प्रशंसक मैथियास मिलाने ने कहा कि चलते समय गर्मी का एहसास कम होता है, लेकिन रुकते ही चारों ओर की गर्म सतहों से निकलने वाली गर्मी परेशान करने लगती है। वहीं स्वीडन के विक्टर ब्लोमडाल ने कहा कि धूप में कुछ मिनट पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है और ऐसा महसूस होता है जैसे शरीर जवाब देने लगे।


स्टेडियम के बाहर सुविधाओं पर उठे सवाल

कई प्रशंसकों ने स्टेडियम के आसपास ठंडक पहुंचाने वाली सुविधाओं की कमी पर भी सवाल उठाए। कुछ लोगों का कहना है कि वहां बड़े पंखे, मिस्टिंग सिस्टम और मुफ्त पीने के पानी जैसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए थीं। कई जगह पानी की एक बोतल 4 से 5 डॉलर में बिक रही थी, जिससे दर्शकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा।


विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि लंबे समय तक धूप और गर्म सतहों पर पैदल चलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और जरूरत पड़ने पर छांव में आराम करें। राहत की बात यह है कि डलास में विश्व कप के सभी मुकाबले इनडोर स्टेडियम में खेले जा रहे हैं, जिससे मैच के दौरान दर्शकों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल रही है।