ere | Source: eeझांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 के दौरान नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा में नकल करने के लिए अभ्यर्थी ने ऐसा तरीका अपनाया, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सैनिटरी पैड में छिपाकर परीक्षा केंद्र पहुंचे अभ्यर्थी की करतूत उस समय उजागर हुई, जब परीक्षा कक्ष में संदिग्ध आवाज सुनाई दी। जांच के दौरान डिवाइस बरामद होने पर परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया।

सरसराहट की आवाज ने खोली नकल की पोल

शुक्रवार को दूसरी पाली में नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज में PET की परीक्षा आयोजित की जा रही थी। दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी के पास से लगातार सरसराहट जैसी आवाज आने लगी। परीक्षा की निगरानी कर रहे इनविजिलेटर को शक हुआ तो उन्होंने अभ्यर्थी की जांच कराई। तलाशी के दौरान उसके पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुई।

सैनिटरी पैड में छिपाकर लाया था इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस

पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए अभ्यर्थी की पहचान आकाश पटेल के रूप में हुई है। वह प्रयागराज का रहने वाला है और परीक्षा देने झांसी आया था। आरोप है कि उसने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सैनिटरी पैड के भीतर छिपाकर अपने अंतःवस्त्रों में रखा था। इसी डिवाइस के माध्यम से वह परीक्षा में नकल करने की कोशिश कर रहा था। संदेह होने पर तलाशी ली गई तो पूरा मामला सामने आ गया।

आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी

एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की PET परीक्षा के दौरान दूसरी पाली में यह मामला सामने आया। अभ्यर्थी के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किया गया है। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर निगरानी की व्यवस्था की गई थी।

झांसी में 37 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 झांसी में दो पालियों में आयोजित की गई। जिले में परीक्षा के लिए कुल 37 केंद्र बनाए गए थे। प्रशासन के अनुसार, परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई गई। हालांकि, दोनों पालियों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।

पहली पाली में 5,391 और दूसरी पाली में 5,420 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिलाधिकारी गौरांग राठी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय चावला ने परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बुंदेलखंड महाविद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का दावा किया।

गूगल मैप के भरोसे पहुंचे अभ्यर्थी रास्ता भटके

परीक्षा के दौरान बदायूं में भी अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सीतापुर और लखीमपुर से शाहजहांपुर तथा दातागंज के रास्ते परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को गूगल मैप ने गलत रास्ता दिखा दिया। डीपॉल स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र की लोकेशन गूगल मैप पर मूसाझाग में ग्राम प्रधान कालीचरण के मकान के पास दिखाई गई। इसके कारण कई अभ्यर्थी भटक गए और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में दिक्कत हुई।