सेंट जॉर्ज्स। कभी वनडे क्रिकेट की सबसे ताकतवर टीमों में शुमार रही वेस्टइंडीज के सामने 2027 वनडे विश्व कप से पहले बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ आयरलैंड को मिली हार के बाद वेस्टइंडीज के सीधे विश्व कप में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो गई हैं। अब कैरेबियाई टीम को मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालीफायर का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। यह स्थिति इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज लगातार तीसरे विश्व कप चक्र में सीधे प्रवेश की दौड़ से बाहर हुई है।
अफगानिस्तान की एक जीत और वेस्टइंडीज की आखिरी उम्मीद भी खत्म
वेस्टइंडीज की नजरें अफगानिस्तान और आयरलैंड के बीच खेली जा रही वनडे श्रृंखला पर टिकी थीं। कैरेबियाई टीम के लिए सीधे क्वालीफिकेशन की उम्मीद बनाए रखने के लिहाज से इस मुकाबले का परिणाम बेहद महत्वपूर्ण था। अफगानिस्तान ने दूसरे वनडे में आयरलैंड को 92 रन से हराकर वेस्टइंडीज के लिए बची हुई संभावनाओं को भी खत्म कर दिया। अफगानिस्तान की ओर से राशिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 34 रन देकर छह विकेट हासिल किए और आयरलैंड की पारी 207 रन पर समेट दी।
पहला वनडे बारिश के कारण रद्द हो जाने के बाद वेस्टइंडीज की स्थिति पहले ही कमजोर हो चुकी थी। इसके बाद अफगानिस्तान की जीत ने समीकरण पूरी तरह बदल दिए। अब वेस्टइंडीज के लिए सीधे विश्व कप में पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है।
रैंकिंग ने कैरेबियाई टीम को दिया सबसे बड़ा झटका
वेस्टइंडीज की मुश्किलों की सबसे बड़ी वजह उसकी वनडे रैंकिंग बनी। विश्व कप के मौजूदा क्वालीफिकेशन ढांचे के अनुसार मेजबान टीमों के अलावा शीर्ष रैंक वाली टीमें सीधे मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाती हैं, जबकि बाकी टीमों को क्वालीफायर के रास्ते से गुजरना पड़ता है। उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक वेस्टइंडीज शीर्ष आठ के बाहर रहने के कारण सीधे प्रवेश हासिल नहीं कर सकी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया वनडे श्रृंखला के बाद वेस्टइंडीज की स्थिति और कमजोर हुई। टीम की रैंकिंग और अंक उसे सीधे क्वालीफिकेशन की दौड़ में सुरक्षित स्थान दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहे। दूसरी ओर अफगानिस्तान ने अपने प्रदर्शन से वेस्टइंडीज पर दबाव और बढ़ा दिया।
भारत के खिलाफ होने वाली श्रृंखला भी अब नहीं बचा पाएगी रास्ता
वेस्टइंडीज को सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला खेलनी है। यह श्रृंखला कैरेबियाई टीम के लिए महत्वपूर्ण जरूर होगी, लेकिन अब इसके नतीजे उसे सीधे 2027 विश्व कप में प्रवेश नहीं दिला पाएंगे।
भारत के खिलाफ मुकाबले वेस्टइंडीज को अपनी टीम की तैयारी, रैंकिंग और मनोबल सुधारने का अवसर जरूर देंगे। लेकिन विश्व कप में सीधे पहुंचने का मौका हाथ से निकल जाने के बाद अब टीम के सामने क्वालीफायर की चुनौती होगी।
2019 में भी क्वालीफायर से मिली थी विश्व कप में जगह
वेस्टइंडीज के लिए क्वालीफायर का रास्ता बिल्कुल नया नहीं है। 2019 वनडे विश्व कप से पहले भी खराब रैंकिंग के कारण टीम को क्वालीफायर टूर्नामेंट खेलना पड़ा था। उस समय कैरेबियाई टीम मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाने में सफल रही थी।
लेकिन इसके बाद स्थिति और गंभीर हुई। 2023 विश्व कप के क्वालीफायर में वेस्टइंडीज सुपर सिक्स चरण तक पहुंची, लेकिन जिम्बाब्वे, नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड के खिलाफ हार ने उसकी उम्मीदें खत्म कर दीं। नतीजतन टीम पहली बार वनडे विश्व कप के मुख्य टूर्नामेंट में जगह नहीं बना सकी।
दो विश्व कप खिताब जीत चुकी है वेस्टइंडीज
वेस्टइंडीज का क्रिकेट इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। टीम ने 1975 और 1979 में लगातार दो वनडे विश्व कप खिताब अपने नाम किए थे। उस दौर में कैरेबियाई टीम का विश्व क्रिकेट पर जबरदस्त दबदबा था।
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में 50 ओवर के क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिली है। लगातार तीसरे विश्व कप चक्र में सीधे क्वालीफिकेशन से बाहर होना इसी गिरावट की ओर इशारा करता है। अब टीम के सामने केवल क्वालीफायर जीतकर मुख्य विश्व कप में पहुंचने की चुनौती नहीं है, बल्कि अपनी खोई हुई वनडे पहचान वापस हासिल करने का भी बड़ा सवाल है।
अब एक ही रास्ता, क्वालीफायर जीतकर करनी होगी वापसी
वेस्टइंडीज के लिए 2027 विश्व कप का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। टीम के पास क्वालीफायर के जरिए मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने का रास्ता मौजूद है। लेकिन दो विश्व कप खिताब जीत चुकी टीम के लिए यह स्थिति निश्चित रूप से बड़ा झटका है।
कैरेबियाई क्रिकेट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती टीम को दोबारा मजबूत करना, लगातार बेहतर प्रदर्शन करना और क्वालीफायर में दबाव के बीच जीत हासिल करना होगी। जिस टीम ने कभी विश्व क्रिकेट पर राज किया था, उसे अब विश्व कप में जगह बनाने के लिए एक बार फिर क्वालीफाइंग मुकाबलों की कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।
