किसी भी समाज की असली ताकत उसके शिक्षक, सैनिक और डॉक्टर होते हैं, लेकिन अक्सर डॉक्टरों की सेवाओं को सम्मानित करने की परंपरा बहुत कम देखने को मिलती है। ऐसे में बिहार के सिवान में डॉक्टर डे के अवसर पर आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह ने नई मिसाल पेश की। यूनिटी एंड पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष और प्रसिद्ध सर्जन डॉ. शाहनवाज़ आलम की पहल पर पहली बार शहर में बड़े स्तर पर डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल चिकित्सा जगत के योगदान को सम्मान दिया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि सेवा करने वालों का सम्मान भी उतना ही जरूरी है जितना उनकी सेवाओं का लाभ उठाना।सिवान में डॉक्टर डे पर डॉ. शाहनवाज़ आलम द्वारा आयोजित भव्य चिकित्सक सम्मान समारोह

सिवान में डॉक्टर डे पर डॉ. शाहनवाज़ आलम द्वारा आयोजित भव्य चिकित्सक सम्मान समारोह

सिवान में पहली बार डॉक्टर डे पर भव्य सम्मान समारोह

डॉक्टर डे के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सिवान और आसपास के क्षेत्रों के कई प्रतिष्ठित चिकित्सकों, सर्जनों और मेडिकल विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। स्थानीय स्तर पर इसे ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार डॉक्टरों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और समाज के प्रति योगदान को सार्वजनिक मंच पर सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। समारोह का उद्देश्य डॉक्टरों के प्रति समाज में सम्मान की भावना को और मजबूत करना था।

डॉ. शाहनवाज़ आलम: इलाज के साथ समाज सेवा को भी बनाया मिशन

डॉ. शाहनवाज़ आलम सिर्फ एक सफल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि समाज सेवा से जुड़े एक सक्रिय व्यक्तित्व के रूप में भी पहचान रखते हैं। वे ग्लोबल केयर हॉस्पिटल, सिवान के संचालक हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में सर सैय्यद विजन 50 जैसी पहल भी संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए कम लागत पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध कराने की पहल की गई है। चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की उनकी सोच उन्हें एक अलग पहचान देती है।

सम्मान समारोह का संदेश: सेवा करने वालों को भी मिले सम्मान

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉक्टर केवल मरीजों का इलाज नहीं करते, बल्कि संकट की घड़ी में समाज की सबसे बड़ी उम्मीद बनते हैं। कोविड महामारी से लेकर रोजमर्रा की स्वास्थ्य सेवाओं तक डॉक्टरों की भूमिका को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह में डॉक्टरों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल को चिकित्सा समुदाय ने भी सकारात्मक कदम बताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे आयोजन अन्य जिलों में भी होने चाहिए।

सामाजिक पहल से बढ़ रही डॉ. शाहनवाज़ आलम की पहचान

स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को साथ लेकर चलने वाले डॉ. शाहनवाज़ आलम की यह पहल सिवान में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि डॉक्टर डे पर आयोजित यह सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और चिकित्सा समुदाय के बीच विश्वास और सम्मान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन लगातार होते रहे तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को नई प्रेरणा मिलेगी।