अहमदाबाद। दुबई से इजरायल जा रही उड़ान में जानलेवा हमले के बावजूद 174 यात्रियों की जिंदगी बचाने वाले भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार विशेष सम्मान देने जा रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को घोषणा की कि कैप्टन स्मित मच्छार को राज्य के प्रतिष्ठित ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल के जरिए इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए पायलट की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ी कॉकपिट की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इजरायल जाने वाली फ्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हिम्मत को पूरी दुनिया सलाम कर रही है। उन्होंने बताया कि हमले में बुरी तरह घायल होने और खून से लथपथ होने के बावजूद मच्छार ने 174 यात्रियों की जान बचाई। मुख्यमंत्री ने उनके इस साहस को प्रेरणादायक और प्रशंसनीय बताया।
कैप्टन स्मित मच्छार के लिए घोषित यह सम्मान ऐसे समय आया है, जब उड़ान के दौरान हुई इस घटना ने विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा और पायलट की भूमिका को लेकर व्यापक ध्यान खींचा है। घटना के दौरान मच्छार ने गंभीर खतरे के बीच विमान को संभालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाई।
उड़ान के दौरान अचानक हिंसक हुआ को-पायलट
रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में उड़ान के दौरान स्थिति अचानक बेहद गंभीर हो गई। विमान के को-पायलट ने कथित तौर पर हिंसक व्यवहार करते हुए कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। घटना के दौरान विमान को कथित रूप से हाईजैक कर उसे क्रैश करने की कोशिश की गई।
हमले के बीच विमान की ऊंचाई में भी अचानक बड़ा बदलाव आया। बताया गया है कि विमान महज 37 सेकंड में करीब 14,300 फीट नीचे आ गया। इस घटनाक्रम ने विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सामने बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर दी।
हमले के बीच पायलट ने संभाला विमान
कैप्टन स्मित मच्छार पर लगातार हमला होने के बावजूद उन्होंने विमान को संभालने की कोशिश जारी रखी। उन्होंने आपातकालीन प्रक्रिया सक्रिय की और कॉकपिट की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए। इसके साथ ही कॉकपिट का दरवाजा खुलवाया गया।
इसके बाद विमान में मौजूद अन्य चालक दल के सदस्य और यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंचे। उन्होंने कथित हमलावर को काबू में करने में मदद की। खतरा नियंत्रित होने के बाद कैप्टन मच्छार ने विमान को संभाला और सुरक्षित लैंडिंग कराई।
174 यात्रियों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता
इस पूरी घटना में कैप्टन मच्छार की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण बताई जा रही है क्योंकि वह खुद हमले में घायल हो चुके थे। इसके बावजूद उन्होंने विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उड़ान को सुरक्षित तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी निभाई।
गुजरात सरकार की ओर से उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने की घोषणा इसी साहस और जिम्मेदारी के सम्मान के तौर पर की गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संदेश में विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी।
प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने की तारीफ
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार को ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि बेहद गंभीर खतरे के बीच घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। प्रधानमंत्री के मुताबिक, दूसरों की जान बचाने के लिए मच्छार ने साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया, जिससे कई लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार पर देश को गर्व होने की बात कही और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
दुनिया भर से मिल रही प्रशंसा
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की विभिन्न स्तरों पर चर्चा हुई। विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए उनके कदमों को लेकर उन्हें प्रशंसा मिल रही है। गुजरात सरकार ने भी इसी क्रम में उन्हें राज्य के ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि मच्छार की हिम्मत को दुनिया सलाम कर रही है। उनके मुताबिक, जिस परिस्थिति में पायलट ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह प्रेरणादायक है।
मच्छार ने कहा- मैंने सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभाई
दुनिया भर से प्रशंसा मिलने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने इस घटना को अपनी जिम्मेदारी से जोड़कर देखा है। उनके मुताबिक, उन्होंने कोई असाधारण काम करने के इरादे से कदम नहीं उठाया, बल्कि एक पायलट के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
उनकी यह प्रतिक्रिया भी चर्चा में रही है, क्योंकि घटना के दौरान वह खुद हमले में घायल हुए थे और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा भी उनके सामने एक बड़ी जिम्मेदारी थी।
गुजरात सरकार के सम्मान से बढ़ी चर्चा
कैप्टन स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने की मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की घोषणा के बाद उनके साहस को राज्य स्तर पर औपचारिक सम्मान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस सम्मान के जरिए गुजरात सरकार ने उस घटना के दौरान पायलट द्वारा निभाई गई भूमिका को सार्वजनिक रूप से मान्यता देने का फैसला किया है।
घटना में 174 यात्रियों की सुरक्षा, पायलट पर हमला, विमान की ऊंचाई में अचानक गिरावट और इसके बाद सुरक्षित लैंडिंग जैसे घटनाक्रम ने इसे बेहद गंभीर बना दिया था। ऐसे में कैप्टन मच्छार की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है।
