तरुण तेजपाल के खिलाफ SC पहुंची गोवा सरकार | Source: Abp Newsतरुण तेजपाल के खिलाफ SC पहुंची गोवा सरकार. Source : Abp News

नई दिल्ली: पत्रकार तरुण तेजपाल से जुड़े बहुचर्चित रेप मामले में अब एक नया कानूनी मोड़ आ गया है। गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद किए जाने की मांग की है। राज्य सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मौजूदा सजा पर्याप्त नहीं है।हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती नहीं दे रही है, जिसमें तरुण तेजपाल को 2013 के मामले में दोषी ठहराया गया था।

गोवा सरकार ने सजा को बताया अपर्याप्त, उम्रकैद की उठाई मांग

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में गोवा सरकार ने कहा है कि अपराध की प्रकृति और उसकी गंभीरता को देखते हुए 10 साल की सजा बेहद कम है। सरकार ने अदालत से सजा की अवधि बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस मामले में न्यूनतम सजा तय करते समय अदालत ने कुछ ऐसे आधारों को स्वीकार किया, जो कानूनी रूप से उचित नहीं माने जा सकते।

13 साल बीतने की दलील पर सरकार ने जताई आपत्ति

गोवा सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि हाई कोर्ट ने यह मानते हुए सजा निर्धारित की थी कि घटना को 13 वर्ष बीत चुके हैं और आरोपी व पीड़िता दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं। सरकार का तर्क है कि समय बीत जाने का लाभ किसी अपराधी को नहीं मिलना चाहिए, खासकर तब जब पीड़ित को इसकी कीमत चुकानी पड़ी हो। सरकार ने इस तर्क को अस्वीकार्य बताते हुए सजा बढ़ाने की मांग की है।

2013 के मामले में दोषी ठहराए गए थे तरुण तेजपाल

गौरतलब है कि 6 अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को रेप का दोषी ठहराया था और उन्हें 10 साल की कठोर सजा सुनाई थी। यह मामला 2013 में गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया था, जहां तेजपाल पर होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर सहयोगी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। फैसले के बाद तरुण तेजपाल ने खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही थी।