पटना। बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निवेशकों के सामने सरकार की ओर से एक बड़ी खरीद गारंटी का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में लगने वाली फैक्ट्रियों में तैयार होने वाले उत्पाद यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप होंगे, तो उनके कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत हिस्सा सरकार खुद खरीदेगी। उन्होंने यह घोषणा गुरुवार को पटना के ताज होटल में आयोजित ‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर्स मीट’ में देशभर से पहुंचे उद्यमियों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए की।
मानक उत्पादों का 25 प्रतिशत हिस्सा खरीदेगी सरकार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि बिहार में उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बाजार को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। यदि फैक्ट्री में तैयार होने वाले उत्पाद मानक के अनुरूप होंगे, तो सरकार उनके उत्पादन का एक हिस्सा खरीदने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने 25 प्रतिशत मानक उत्पादों की खरीद की गारंटी देने की बात कही।
मुख्यमंत्री के इस ऐलान का उद्देश्य बिहार में नए उद्योग लगाने वाले निवेशकों को प्रोत्साहित करना है। सरकार की ओर से उत्पाद खरीदने की गारंटी का उल्लेख करते हुए उन्होंने उद्यमियों से बिहार में आकर फैक्ट्री और उद्योग स्थापित करने का आह्वान किया।
निवेशकों को सुरक्षा और सुविधाओं का भरोसा
इन्वेस्टर्स मीट में मुख्यमंत्री ने बिहार में निवेश करने वाले कारोबारियों और उद्यमियों को सुरक्षा तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में सभी लोग सुरक्षित और व्यवस्थित हैं तथा उद्योगों के लिए सरकार की ओर से आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
सम्राट चौधरी ने देश-विदेश के उद्यमियों से बिहार आने और यहां काम शुरू करने की अपील करते हुए कहा, “आप एकदम बिहार आइए। काम कीजिए। आपको पूर्ण रूप से सुरक्षा के साथ सारी व्यवस्था मिलेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर का काम चल रहा है। बिजली और पानी उद्योगों तक पहुंचाया जाएगा। बिहार को समृद्ध बनाना है।”
बिजली-पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों तक बिजली और पानी की सुविधा पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम जारी है और सड़क नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
इन्वेस्टर्स मीट में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क और परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है।
कई एक्सप्रेसवे का किया गया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए प्रस्तावित और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार में कई एक्सप्रेसवे की कल्पना की जा रही है। इनमें रक्सौल-हल्दिया, गोरखपुर-सिलीगुड़ी और पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का उल्लेख किया गया। इसके अलावा बक्सर और भागलपुर के बीच एक्सप्रेसवे बनाए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बेहतर सड़क संपर्क और मजबूत आधारभूत संरचना बिहार में उद्योगों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार निवेशकों के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही है, जिससे औद्योगिक इकाइयों तक जरूरी संसाधन और परिवहन सुविधाएं आसानी से पहुंच सकें।
‘बिल्ड और बिलीव’ का दिया मंत्र
निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में औद्योगिक विकास के लिए ‘बिल्ड और बिलीव’ का मंत्र दिया। बिल्ड का अर्थ उत्पादन और निर्माण से तथा बिलीव का अर्थ भरोसे से बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक बिहार में निर्माण और भरोसे का माहौल मजबूत नहीं होगा, तब तक देश की समृद्धि की दिशा में अपेक्षित प्रगति संभव नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि भारत की समृद्धि के लिए बिहार की तरक्की जरूरी है। इसी सोच के साथ राज्य में उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और निवेशकों को राज्य में कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कोसी नदी के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की योजना
इन्वेस्टर्स मीट में मुख्यमंत्री ने कोसी नदी के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कोसी नदी को सबसे खतरनाक नदियों में माना जाता है, लेकिन इसके किनारे उपलब्ध बड़े भू-क्षेत्र को औद्योगिक विकास के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
सम्राट चौधरी के मुताबिक कोसी नदी के करीब 287 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग डेढ़ लाख एकड़ जमीन पर उद्योग लगाए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को लेकर सरकार में मंथन चल रहा है।
सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए पानी की उपलब्धता पर जोर
मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार के उद्योगों में पानी की जरूरत अधिक होती है। ऐसे में कोसी नदी के आसपास के क्षेत्र में पानी की उपलब्धता औद्योगिक गतिविधियों के लिए उपयोगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोसी के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर सरकार विचार कर रही है।
पटना में आयोजित इस इन्वेस्टर्स मीट में देशभर के कई उद्यमी और उद्योगपति शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उद्योगों के लिए सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं के साथ-साथ मानक उत्पादों की सरकारी खरीद की बात रखी। सरकार की ओर से 25 प्रतिशत मानक उत्पाद खरीदने की घोषणा और कोसी क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर की योजना को बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ाने से जुड़े प्रमुख प्रस्तावों के रूप में पेश किया गया।
