रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि यूक्रेन के लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों से रूस के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन की "कुछ कमी" जरूर है, हालांकि हालात अभी गंभीर नहीं हैं। पुतिन ने एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने तथा ईंधन आपूर्ति बहाल करने पर जोर दिया।
यूक्रेनी हमलों से ईंधन संकट स्वीकार
क्रेमलिन द्वारा जारी एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन लगातार रूस के महत्वपूर्ण ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जिससे देश में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हुई है। पुतिन ने माना कि फिलहाल रूस में "कुछ हद तक ईंधन की कमी" देखने को मिल रही है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि यह संकट अभी नियंत्रण में है और सरकार इसे जल्द दूर करने के लिए काम कर रही है।
क्रीमिया में सप्लाई बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता
पुतिन ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रूस की एयर डिफेंस क्षमता बढ़ाना और खासतौर पर क्रीमिया तक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। हाल ही में रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रशासन ने ईंधन की कमी और बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण आपातकाल घोषित किया था। यूक्रेन के हमलों से वहां की लॉजिस्टिक्स चेन और तेल भंडारण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेन बोला- यह रूस के हमलों का जवाब
यूक्रेन ने इन हमलों को रूस की ओर से पिछले चार वर्षों से किए जा रहे लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब बताया है। कीव का कहना है कि रूस फरवरी 2022 से यूक्रेन के नागरिक इलाकों और ऊर्जा ढांचे पर लगातार हमले करता रहा है, इसलिए रूसी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना वैध जवाबी कार्रवाई है।
यूनाइटेड रशिया सम्मेलन में पुतिन का बड़ा बयान
इंटरव्यू से कुछ घंटे पहले यूनाइटेड रशिया पार्टी के सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि रूस सभी चुनौतियों का सामना करेगा और देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यूक्रेनी हमलों को "आतंकी गतिविधियां" बताते हुए कहा कि सरकार हर स्थिति से निपटने में सक्षम है और देश की सुरक्षा किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दी जाएगी।
ड्रोन हमले में रिफाइनरी में लगी आग
रविवार को यूक्रेन के एक ड्रोन हमले में रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो गई। क्षेत्रीय गवर्नर के अनुसार, हमले के बाद एक तेल रिफाइनरी में भी आग लग गई। हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और सैन्य आपूर्ति केंद्रों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे रूस की ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
