वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
लगातार तीसरी रात अमेरिका का हमला
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, भारतीय समयानुसार तड़के करीब 2:15 बजे ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए गए। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका आज भी हमला करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा।
होर्मुज में जहाजों पर हमला
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला हुआ। इस घटना में भारत के एक क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए। घटना के बाद वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
तेल की कीमतों में उछाल
क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजार पर भी दिखा। रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में 9 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो ऊर्जा आपूर्ति पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
होर्मुज को लेकर ट्रंप का नया ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिका होर्मुज मार्ग की सुरक्षा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत टोल लगाने की योजना है। हालांकि, इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका का प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप नहीं है।
