लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल (Public Examination Prevention of Unfair Means Amendment Bill, 2026) पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष के भारी शोर-शराबे के बीच अपनी बात रखी। उन्होंने एक छात्रा से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए 'स्टूडेंट', 'इडियट' और 'अंधभक्त' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। राहुल गांधी के इन शब्दों का सत्ता पक्ष ने जोरदार विरोध किया। हालांकि राहुल गांधी ने साफ कहा कि वे सत्ता पक्ष के किसी सदस्य को 'इडियट' नहीं कह रहे थे।
Rahul Gandhi in Lok Sabha: संसद में 'स्टूडेंट' 'इडियट' और 'अंधभक्त' शब्द बोले राहुल गांधी, सत्ता पक्ष के हंगामे के बाद हटाई गई टिप्पणीSource : Aaj Tak.com
स्टूडेंट की परिभाषा से शुरू किया भाषण
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि वे अपने भाषण की शुरुआत कुछ स्टूडेंट्स यानी युवा लड़कियों के साथ हुई बातचीत से करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इससे बातचीत का एक दिलचस्प नजरिया सामने आता है। राहुल ने एक छात्रा से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि स्टूडेंट वह होता है जिसका मन और दिल खुला हो।
'इडियट' शब्द पर हुआ जोरदार हंगामा
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि छात्रा ने उन्हें बताया कि लोगों का एक और समूह भी होता है, जिन्हें पूरा विश्वास होता है कि वे सब कुछ जानते हैं। उन्हें लगता है कि ज्ञान उनके भीतर से आता है। वे खुद को भगवान मानते हैं, घमंडी होते हैं, किसी की बात नहीं सुनते और दूसरों की सच्चाई का सम्मान नहीं करते। राहुल ने कहा कि जब उन्होंने छात्रा से पूछा कि वह ऐसे लोगों को क्या कहती है तो उसने जवाब दिया, "मैं उन्हें इडियट कहती हूं।" इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने जोरदार हंगामा किया और शब्द वापस लेने की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भी इसका विरोध जताया।
'अंधभक्त' शब्द का भी किया इस्तेमाल
राहुल गांधी ने आगे कहा कि दुनिया में दो तरह के विद्यार्थी होते हैं और हर वह व्यक्ति विद्यार्थी हो सकता है जिसके भीतर सीखने की इच्छा हो। इसके बाद उन्होंने फिर छात्रा से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए 'अंधभक्त' शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि छात्रा के मुताबिक अंधभक्त वह व्यक्ति होता है जिसे पूरा यकीन होता है कि 'इडियट' ही भगवान है। इसी दौरान सत्ता पक्ष ने फिर विरोध दर्ज कराया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।
स्पीकर ने हटवाई विवादित टिप्पणी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए सत्ता पक्ष से राहुल गांधी को अपनी बात पूरी करने देने की अपील की और स्पीकर से 'इडियट' शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने का अनुरोध किया। स्पीकर ओम बिरला ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए विवादित टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया। इसके बाद राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय पहले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नहीं, बल्कि RSS चला रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में RSS विचारधारा से जुड़े लोगों को कुलपति बनाया गया और छात्रों को 'अंधभक्त' बनाने की कोशिश की गई।
