ereer | Source: ererपटना। बिहार में परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक और कदाचार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने राज्य के 29 जिलों में परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार ने इस योजना के लिए 33 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। पहले चरण में 12 जिलों में परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।

परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की तैयारी

राज्य सरकार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का मुख्य उद्देश्य परीक्षा संचालन की व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। प्रस्तावित परीक्षा भवनों में विद्यार्थियों के लिए कदाचार मुक्त परीक्षा आयोजित कराने के लिए आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, स्ट्रॉन्ग रूम में परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री को सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी।

सरकार के अनुसार, इन केंद्रों के तैयार होने के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिकाएं और अन्य आवश्यक सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने की सुविधा मजबूत होगी। इससे परीक्षा सामग्री की सुरक्षा बढ़ाने के साथ परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

स्कूल परिसरों में ही बनेंगे अधिकांश परीक्षा भवन

प्रस्तावित परीक्षा भवनों के निर्माण के लिए अलग से बड़े भूखंड तलाशने के बजाय अधिकतर स्थानों पर मौजूदा स्कूल परिसरों का उपयोग किया जाएगा। करीब एक से डेढ़ एकड़ जमीन में परीक्षा भवन के साथ स्ट्रॉन्ग रूम तैयार करने की योजना है। इससे उपलब्ध सरकारी संसाधनों और जमीन का उपयोग करते हुए परीक्षा से जुड़ी आधारभूत संरचना विकसित की जा सकेगी।

परीक्षा भवनों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि वहां विद्यार्थियों की परीक्षा सुरक्षित माहौल में कराई जा सके। दूसरी ओर, स्ट्रॉन्ग रूम परीक्षा के प्रश्नपत्रों, उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।

पहले चरण में 12 जिलों को मिली मंजूरी

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से पहले चरण में 12 जिलों में परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन जिलों में सीतामढ़ी, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, कैमूर, नालंदा, मधेपुरा समेत अन्य जिले शामिल हैं। योजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

पहले चरण में जिन स्थानों का चयन किया गया है, वहां निर्माण के बाद संबंधित क्षेत्रों में परीक्षा संचालन के लिए स्थायी और अधिक सुरक्षित ढांचा उपलब्ध हो सकेगा। इससे परीक्षा के समय प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री के प्रबंधन को भी बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

इन स्थानों पर बनेंगे परीक्षा भवन

रोहतास जिले में सासाराम के तकिया श्रीशंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखीसराय में शर्मा, रामगढ़ चौक स्थित श्रीढेरनाथ महादेव उच्च विद्यालय और बेगूसराय के विष्णुपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय को इसके लिए चयनित किया गया है।

इसी तरह सीतामढ़ी जिले में डुमरा के बरियारपुर मध्य विद्यालय, मोतिहारी में पीएमश्री जिला स्कूल और वैशाली जिले के भगवानपुर स्थित सराय आदर्श उच्च विद्यालय में परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम बनाए जाएंगे।

कैमूर से मधेपुरा तक इन केंद्रों पर होगा निर्माण

कैमूर जिले में भभुआ के रतवार उच्च माध्यमिक विद्यालय, नालंदा में राजगीर के आरडीएस प्लस 2 विद्यालय और जमुई में जमुई बाजार प्लस टू उच्च विद्यालय को भी योजना में शामिल किया गया है। कटिहार में दर्शन साह कॉलेज, नवादा में कन्हाई इंटर स्कूल और मधेपुरा में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय परिसर में परीक्षा भवन तैयार किया जाएगा।

इन सभी स्थानों पर परीक्षा भवन के साथ स्ट्रॉन्ग रूम विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रखने और परीक्षा संचालन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को एक ही सुरक्षित परिसर में उपलब्ध कराना है।

प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा पर जोर

परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्ट्रॉन्ग रूम की व्यवस्था को योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। इन कमरों में परीक्षा से संबंधित सामग्री को कड़ी सुरक्षा के बीच रखने की व्यवस्था की जाएगी।

सरकार का मानना है कि परीक्षा सामग्री के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत होने से परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। साथ ही, परीक्षा के दौरान कदाचार और अन्य गड़बड़ियों को रोकने की दिशा में भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।

29 जिलों तक पहुंचेगी योजना

पहले चरण में 12 जिलों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब इस योजना का दायरा आगे बढ़ाया जाना है। कुल 29 जिलों में परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम बनाए जाने की योजना है। इसके लिए राज्य सरकार ने 33 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

इस योजना के जरिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की विभिन्न परीक्षाओं के लिए स्थायी परीक्षा आधारभूत संरचना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने से भविष्य में परीक्षा संचालन को अधिक व्यवस्थित करने का आधार तैयार होगा।

कदाचार मुक्त परीक्षा की दिशा में अहम पहल

बिहार में पेपर लीक और परीक्षा में कदाचार लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल रहे हैं। ऐसे में परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम की स्थापना को परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा बढ़ाने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की योजना परीक्षा सामग्री के सुरक्षित भंडारण से लेकर परीक्षा संचालन तक की व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है।