भारत में एनालॉग फिल्म निर्माण को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रसाद कॉर्प और मॉनसून कलर लैब ने एक साझेदारी की घोषणा की है। प्रसाद कॉर्प देश की अग्रणी मीडिया टेक्नोलॉजी और पोस्ट प्रोडक्शन कंपनी है, जो फिल्म रेस्टोरेशन, डिजिटल स्कैनिंग और पोस्ट प्रोडक्शन सेवाओं के लिए जानी जाती है। वहीं मॉनसून कलर लैब भारत की 85 वर्ष पुरानी फिल्म लैब की विरासत को आगे बढ़ाने वाली संस्था है, जो 35mm, 16mm और सुपर 8 जैसे पारंपरिक फिल्म फॉर्मेट की प्रोसेसिंग में विशेषज्ञता रखती है। दोनों कंपनियों का यह सहयोग पारंपरिक फिल्म प्रारूपों पर काम करने वाले फिल्म निर्माताओं के लिए फिल्म प्रोसेसिंग से लेकर अंतिम पोस्ट प्रोडक्शन तक का संपूर्ण प्रोडक्शन इकोसिस्टम तैयार करेगा। इसके जरिए देश में ही विश्वस्तरीय तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
फिल्म प्रोसेसिंग से पोस्ट प्रोडक्शन तक एकीकृत सेवाएं
इस साझेदारी में मॉनसून कलर लैब जो 85 वर्ष पुरानी फिल्म लैब इंडिया की विरासत को आगे बढ़ा रही है और फिल्म रेस्टोरेशन, पोस्ट प्रोडक्शन तथा मीडिया टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी प्रसाद कॉर्प शामिल हैं। दोनों कंपनियां मिलकर 35mm, 16mm और सुपर 8 फॉर्मेट में शूट की गई फिल्मों के लिए फिल्म प्रोसेसिंग, नेटिव 4k स्कैनिंग, डिजिटल रेस्टोरेशन, कलर ग्रेडिंग और पोस्ट प्रोडक्शन जैसी सभी सेवाएं एक ही वर्कफ़्लो के तहत उपलब्ध कराएंगी।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया भर में एनालॉग फिल्म निर्माण एक बार फिर लोकप्रिय हो रहा है। कई फिल्म निर्माता इसकी अनूठी दृश्य गुणवत्ता, प्राकृतिक बनावट और सिनेमाई अनुभव के कारण दोबारा फिल्म स्टॉक की ओर लौट रहे हैं। दोनों कंपनियों का कहना है कि उनका उद्देश्य भारत और दक्षिण एशिया के फिल्मकारों के लिए फिल्म पर शूटिंग को अधिक किफायती, टिकाऊ और व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक बनाना है।
विदेशी लैब पर निर्भरता होगी कम
इस साझेदारी का एक बड़ा उद्देश्य भारतीय फिल्म निर्माताओं की विदेशी फिल्म लैब और पोस्ट प्रोडक्शन केंद्रों पर निर्भरता कम करना भी है। स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग, स्कैनिंग और फिनिशिंग की सुविधाएं उपलब्ध होने से पूरी निर्माण प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगी।
समझौते के तहत प्रसाद कॉर्प अपने अत्याधुनिक स्कैनिटी एचडीआर नेटिव 4k फिल्म स्कैनर का उपयोग करेगी। यह स्कैनर कैमरे के नेगेटिव को उसकी मूल गुणवत्ता बनाए रखते हुए प्रति सेकंड 15 फ्रेम तक स्कैन करने में सक्षम है। इसके जरिए उच्च गुणवत्ता वाले 4k डिजिटल रश और व्यूइंग कॉपी तैयार की जा सकेगी जिससे फिल्म निर्माता पारंपरिक फिल्म और आधुनिक डिजिटल पोस्ट प्रोडक्शन तकनीक का एक साथ उपयोग कर सकेंगे।
कंपनियों ने बताया कि इस सहयोग के तहत हाल के महीनों में कई परियोजनाओं पर काम भी किया जा चुका है। इनमें तीन फीचर फिल्में शामिल हैं जिनमें एक 35mm और दो 16mm फॉर्मेट पर शूट की गई हैं। इसके अलावा कई बड़ी फिल्में, विज्ञापन और म्यूजिक वीडियो भी इस साझेदारी के तहत बनाए गए हैं जो एनालॉग फिल्म निर्माण में बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं।
फिल्म निर्माताओं को मिलेगा बड़ा फायदा
प्रसाद कॉर्प के निदेशक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी अभिषेक प्रसाद ने कहा कि फिल्म पर काम करने का अनुभव आज भी कई फिल्म निर्माताओं के लिए बेहद खास और रचनात्मक है। उन्होंने कहा फिल्म एक अनूठा रचनात्मक अनुभव देती है जो कई फिल्म निर्माताओं के दिलों के बेहद करीब है। इस साझेदारी के साथ प्रसाद कॉर्प यह सुनिश्चित कर रहा है कि भारत के फिल्म निर्माताओं को विश्वस्तरीय फिल्म प्रोसेसिंग, स्कैनिंग और पोस्ट प्रोडक्शन की सुविधाएं देश में ही उपलब्ध हों।
दोनों कंपनियों का मानना है कि यह साझेदारी भारत में फिल्म आधारित कहानी कहने की परंपरा को नई मजबूती देगी। साथ ही फिल्म निर्माताओं को कैमरे के नेगेटिव से लेकर अंतिम प्रस्तुति तक एक समेकित और आधुनिक प्रोडक्शन प्रक्रिया उपलब्ध होगी जिससे देश का एनालॉग फिल्म इकोसिस्टम और अधिक मजबूत होगा।
