erer | Source: ererनई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली में प्रदर्शन के ऐलान के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनावों में हार के बाद हताश होकर सड़क पर प्रदर्शन को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं और इससे दिल्ली की जनता को परेशानी हो रही है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी को आम आदमी पार्टी का ‘प्रॉक्सी’ बताते हुए विपक्षी दलों की एकजुटता पर भी सवाल उठाए।

10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के बीच भाजपा की ओर से यह बयान सामने आया। प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय हार के बाद पैदा हुई हताशा से जोड़ते हुए कहा कि लगातार विरोध के कारण राजधानी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

‘हारे हुए और हताश लोग दिल्ली की जनता को कर रहे परेशान’

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता ने विपक्ष को नकार दिया है। उनके मुताबिक, विपक्षी दल अपनी राजनीतिक हार के बाद सड़क पर प्रदर्शन को हथियार बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा प्रदर्शन करने के विरोध में नहीं है, लेकिन चुनावी हार के बाद बार-बार विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां हो रही हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इन गतिविधियों के पीछे जनता के मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक हताशा दिखाई देती है।

भाजपा नेता ने हाल में हुए उपचुनावों में पार्टी की जीत का उल्लेख करते हुए इसे जनता का समर्थन बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच भाजपा को मिली जीत यह संकेत देती है कि जनता ने पार्टी पर भरोसा जताया है। हालांकि, यह रविशंकर प्रसाद का राजनीतिक आकलन और बयान है।

राहुल गांधी, केजरीवाल और ममता बनर्जी का नाम लेकर विपक्ष पर निशाना

रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के नेताओं, ममता बनर्जी और वामपंथी दलों का जिक्र किया। उन्होंने विपक्षी दलों की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनके बीच साझा रणनीति का अभाव दिखाई देता है।

उन्होंने अपने बयान में कहा, "विपक्ष ने सड़क के प्रदर्शन को हथियार बना लिया है। लेकिन देखने वाली बात है कि इसमें भी एक साथ नहीं है। राहुल जी ने तीन दिया किया। फिर आ गए आम आदमी पार्टी के प्रॉक्सी कॉकरोच पार्टी, आपने देखा होगा सुबह से उनका नाटक चल रहा था। शाम होते-होते केजरीवाल भी आ गए। ममता बनर्जी बोलीं हम क्यों पीछे रहे। इसके बाद वामपंथी भी चले आए।"

इस बयान के जरिए भाजपा नेता ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी असहमति जाहिर की। उन्होंने सीजेपी को आम आदमी पार्टी का ‘प्रॉक्सी’ बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग मंचों के जरिए केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। यह आरोप भाजपा की ओर से लगाया गया है।

ईवीएम पर विपक्ष के रुख को लेकर भाजपा ने उठाए सवाल

रविशंकर प्रसाद ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष वर्ष 2015 से ईवीएम को लेकर सवाल उठाता रहा है। भाजपा नेता के मुताबिक, विपक्ष के लिए चुनाव परिणामों को स्वीकार करने का रवैया राजनीतिक परिस्थितियों के हिसाब से बदलता रहता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं तो ईवीएम को सही बताते हैं, लेकिन जब नरेंद्र मोदी और भाजपा को जीत मिलती है तो उसी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं। प्रसाद ने वर्ष 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा की जीत के बाद ईवीएम को लेकर विवाद उठाया गया।

भाजपा नेता ने विपक्ष के इस रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव परिणामों को लेकर लगातार संदेह जताने के बजाय निर्धारित कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सहारा लिया जाना चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस जारी है।

एसआईआर को लेकर बोले रविशंकर प्रसाद- देश में पहले भी हो चुकी है प्रक्रिया

ईवीएम के बाद भाजपा सांसद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हो रही है और पहले भी कई बार कराई जा चुकी है।

रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि देश में अब तक नौ बार एसआईआर हो चुका है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कानूनी प्रावधान है और इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने वाले राजनीतिक दलों को अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए।

भाजपा नेता ने विपक्ष के उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक नाम की वास्तविक स्थिति पर विचार करना जरूरी है। उनके अनुसार, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो अपने पुराने क्षेत्र से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं, उनके नामों की स्थिति की जांच आवश्यक है।

13 करोड़ मतदाताओं के आंकड़े पर भाजपा का जवाब, प्रसाद ने गिनाए कारण

मतदाता सूची से संबंधित विवाद पर रविशंकर प्रसाद ने करीब 13 करोड़ मतदाताओं के आंकड़े का उल्लेख करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी मतदाता की मृत्यु हो चुकी है या वह अपने पंजीकृत क्षेत्र से दूसरे स्थान पर जा चुका है, तो ऐसे नामों को मतदाता सूची में बनाए रखने का क्या आधार है।

भाजपा सांसद ने अपने बयान में कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि जो मर गए, क्या वह वोटर रह सकते हैं? जो लोग अपने क्षेत्र से प्रवास कर गए क्या वह वोटर रह सकते हैं? मैं पटना साहिब का सांसद हूं। मेरे यहां भी 40 हजार वोट कट गए। लेकिन यह जरूरी है।"

उन्होंने आगे आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा, "2.89 करोड़ वोटर मरे पाए गए हैं। 6.3 करोड़ वोटर प्रवास कर गए हैं। 1 करोड़ डुप्लीकेट और 3 करोड़ अनुपस्थित। ऐसे यह करके 13 करोड़ तक पहुंची है। आपको इस पर कहने का अधिकार है कि यह आंकड़े गलत हैं। इसके लिए आप सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं।"

प्रसाद ने इन आंकड़ों के माध्यम से यह तर्क दिया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की स्थिति की जांच करना जरूरी है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए आंकड़े उनके बयान का हिस्सा हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है।

बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर भी उठाया सवाल

मतदाता सूची के विवाद के बीच रविशंकर प्रसाद ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या बांग्लादेश से आए ऐसे लोगों को भारत का मतदाता होना चाहिए। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने मतदाता सूची के सत्यापन को राष्ट्रीय नागरिकता और चुनावी व्यवस्था से जोड़कर अपनी बात रखी।

भाजपा नेता का तर्क था कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने और बनाए रखने के लिए पात्रता तथा संबंधित नियमों का पालन जरूरी है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी को पुनरीक्षण के आंकड़ों या प्रक्रिया पर आपत्ति है तो वह कानूनी रास्ता अपना सकता है।

सीजेपी प्रदर्शन के बीच तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी विरोध के बीच भाजपा के इस बयान ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। एक ओर विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा इन प्रदर्शनों को राजनीतिक हताशा से प्रेरित बता रही है।

रविशंकर प्रसाद ने अपने बयान में विपक्ष की एकजुटता, ईवीएम पर आरोपों, एसआईआर की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने सीजेपी को आम आदमी पार्टी का ‘प्रॉक्सी’ करार देते हुए उसके प्रदर्शन पर भी निशाना साधा।